Jharkhand Students Protest: रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले 12 दिनों से आंदोलन कर रहे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अभ्यर्थी आखिरकार झारखंड सरकार से बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि छात्रों ने साफ कर दिया है कि सरकार के साथ होने वाली पूरी बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे और बाद में किसी तरह का विवाद न हो।

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत के लिए बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया था। शुरुआत में छात्रों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से बातचीत छात्रों के बीच ही होनी चाहिए। बाद में उन्होंने सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए दो घंटे का समय मांगा और अब बातचीत के लिए सहमति दे दी है। फिलहाल वीडियो रिकॉर्डिंग उनकी सबसे अहम शर्त बनी हुई है।

मुख्यमंत्री बोले- समस्या का होगा जल्द समाधान

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिनकी भी कोई मांग है, वे अपनी बात सरकार के सामने रख सकते हैं और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं और सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का ठोस समाधान निकलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की है और सरकार जल्द जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या सिर्फ झारखंड की नहीं, बल्कि पूरे देश की चुनौती बन चुकी है। गृह मंत्री से अब तक बातचीत नहीं हुई है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनसे भी चर्चा की जाएगी।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। पार्टी के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार एक-दो दिन के भीतर उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी, जो छात्रों की मांगों पर विचार करेगी। उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर अगले दो-तीन दिनों में दोषियों के खिलाफ उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई की जाएगी।

14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 5 जुलाई को घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया था। तभी से छात्र रांची में अनिश्चितकालीन धरना देकर पारदर्शी जांच, जवाबदेही और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

बुधवार को प्रदर्शन स्थल पर एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार भी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से छात्रों को बातचीत का न्योता दिया और गतिरोध खत्म करने की कोशिश की।

उधर, विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले भाजपा भी छात्रों के समर्थन में उतर आई। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडीए का प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिला और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 12 दिनों से बारिश के बीच धरने पर बैठे हैं और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। भाजपा ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा के भीतर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। बाउरी ने आरोप लगाया कि एनडीए प्रतिनिधिमंडल के आंदोलन स्थल पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद ही राज्य सरकार ने छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव भेजा।

इधर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपना अनशन जारी रखेंगे। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद उन्होंने भोजन नहीं करने, लेकिन पानी पीते रहने का फैसला लिया है। वांगचुक ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन जारी रखने का भरोसा भी दिया है।

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झारखंड में JPSC, JSSC CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही इस मामले का ठोस समाधान सामने आएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक