Jharkhand: कैलाश मानसरोवर जाने वालों को मिलेंगे एक लाख रुपए, राज्य सरकार ने किया ऐलान

वर्ष 2018-19 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे तीर्थयात्रियों को अनुदान राशि बांटी जाने लगी है। सरकारी तिजोरी में जो पैसे हैं, वे जन कल्याण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए ही हैं।

कैलाश मानसरोवर से वापस आए यात्रियों को एक लाख रुपए की सहायता राशि देते झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास (फोटो सोर्स : स्थानीय )

भगवान भोलेनाथ के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर झारखंड सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों को एक लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा, ‘‘हर हिन्दू कैलाश मानसरोवर की यात्रा करना चाहता है। ऐसे में झारखंड सरकार आर्थिक रूप से कमजोर तीर्थयात्रियों को एक लाख रुपए की ‘कैलाश मानसरोवर अनुदान राशि’ देगी।’’ उन्होंने यह बात सोमवार को अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

कैलाश मानसरोवर अनुदान राशि कार्यक्रमः झारखंड और देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने भारत को आध्यात्मिक देश बताया। उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड सरकार समाज के आर्थिक रूप से अक्षम लोगों पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे ही लोगों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ शुरू की है। इसके तहत कैलाश मानसरोवर जैसी कठिन तीर्थ पर जाने वाले राज्य के लोगों को सरकार की ओर से एक लाख रुपए की अनुदान राशि दी जाएगी। वहीं, वर्ष 2018-19 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे तीर्थयात्रियों को अनुदान राशि बांटी जाने लगी है। सरकार अनुदान देकर कोई एहसान नहीं कर रही। सरकारी तिजोरी में जो पैसे हैं, वे जन कल्याण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए ही हैं।

पर्यटन को बढ़ावाः मुख्यमंत्री के मुताबिक, झारखंड पर्यटन क्षेत्र को भी विकसित कर रहा है। इसके तहत राज्य में मौजूद धार्मिक स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कर लोगों को रोजगार देने की योजना बनाई जा रही हैं। सरकार की मंशा है कि दुनिया का सबसे बड़ा बौद्धस्तूप इटखोरी में बने।

5000 से ज्यादा लोगों ने की तीर्थयात्रा : अनुदान कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया, ‘‘प्रदेश में जब से रघुवर दास की सरकार आई है, तब से लोगों को तीर्थ कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत भी इसी उद्देश्य से की गई, जिससे हर व्यक्ति तीर्थ कर सके। सीएम के दिशा-निर्देश पर अब तक राज्य के 5000 से ज्यादा लोग तीर्थ यात्रा कर चुके हैं।’’

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