झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को अस्पताल से वापस धरनास्थल जाने की अनुमति मांगी। महतो पिछले 11 दिनों से बेमियादी भूख हड़ताल पर हैं। फिलहाल उनका इलाज रांची के सदर अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने अस्पताल के सिविल सर्जन को आवेदन देकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी है।
महतो ने अपने आवेदन में कहा कि रांची के अस्पताल में उनका शरीर भले ही इलाज करा रहा है, लेकिन उनका मन और उनका संकल्प धरनास्थल पर मौजूद छात्रों और युवाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से दूर रहना उनके लिए शारीरिक तकलीफ से भी ज्यादा मानसिक परेशानी का कारण बन रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में महतो ने कहा कि 12 अगस्त 2026 को उनकी भूख हड़ताल का 11वां दिन है और उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों छात्र और युवा अपने भविष्य, अधिकार और न्याय के लिए इस आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। उनके लिए यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों के भरोसे और उम्मीद के प्रति उनकी जिम्मेदारी है।
महतो ने अपने हाथ से लिखे आवेदन में 10 अगस्त की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भूख हड़ताल के नौवें दिन विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और अभी उनका इलाज चल रहा है।
महतो ने कहा कि सत्याग्रही साथियों से दूर रहना बहुत पीड़ादायक है
महतो ने कहा कि छात्र, युवा और झारखंड के आम लोग दिन-रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सत्याग्रह कर रहे हैं। वे न्याय की उम्मीद में आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय में उनसे दूर रहना उनके लिए बहुत पीड़ादायक है। इसलिए उन्होंने अस्पताल प्रशासन से उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें धरनास्थल पर जाने की अनुमति देने की अपील की है।
उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को यह भी भरोसा दिया कि अगर उन्हें धरनास्थल पर जाने की अनुमति मिलती है तो वे डॉक्टरों की ओर से बताए गए सभी जरूरी निर्देशों और सावधानियों का पूरी तरह पालन करेंगे।
महतो को सोमवार देर शाम प्रशासन ने जबरन अस्पताल पहुंचाया था। उस दिन झारखंड के हजारों छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। इसी दौरान महतो समेत कई लोग घायल हुए थे।
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी जेएसएससी – सीजीएल परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने उनकी सभी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। इसी वजह से छात्रों और युवाओं का आंदोलन लगातार जारी है।
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झारखंड में JPSC-JSCC में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन 19वें दिन (12 अगस्त) भी जारी रहा। बुधवार को इस आंदोलन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी लीडर रघुबर दास भी पहुंचे। प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक आंदोलनकारी हैं और एक आंदोलन के जरिए ही राजनीति में आए थे, इसलिए वो प्रदर्शनकारियों का दर्द समझ सकता हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
