झारखंड की राजनीति ने आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर अलग ही हलचल पैदा हो गई है। इधर भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने का फैसला किया तो उधर जेएमएम हैरान हो गई और चुनाव आयोग को पत्र लिख डाला।
सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि इस चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका है। साथ ही बाहरी दबाव के जरिए विधायकों को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही है।
जून में होंगे राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को चुनाव आयोजित किए जाएंगे। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई राज्य चुनाव समिति की बैठक में भाजपा ने इन सीटों में से एक पर अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करने भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पार्टी ने केवल उम्मीदवार उतारेगी, बल्कि उसे जीत हासिल करने का भी पूरा भरोसा है।
भाजपा चुनाव में हिस्सा लेगी
अमर कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि भाजपा उम्मीदवार चुनाव जरूर जीतेगा। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हमें चुनाव लड़ने का अधिकार है। जेएमएम को अपने समीकरणों पर ध्यान देना चाहिए। यह एक जानी-मानी बात है कि जेएमएम और कांग्रेस के बीच क्या चल रहा है। वे दावा करते हैं कि उनके पास 56 सीटें हैं, लेकिन वे खुद जानते हैं कि यह संख्या कितनी कमजोर है। हॉर्स-ट्रेडिंग की शुरुआत उन्हीं लोगों ने की थी।” बैठक में मौजूद लोगों में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
जेएमएम ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
इस बीच जेएमएम के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर स्वतंत्र और भयमुक्त चुनाव कराने की मांग की और चुनाव प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय तथा राज्य जांच एजेंसियों पर कड़ी निगरानी रखने की भी मांग की।
पत्र में सुप्रियो ने लिखा कि सत्ताधारी गठबंधन के 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 विधायक हैं। इस गठबंधन में जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई (एमएल) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राज्यसभा के किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता वाले वोटों की जरूरत होती है और इसलिए यह गठबंधन चुनाव में जा रही दोनों सीटों पर जीत हासिल करने की स्थिति में है।
जेएमएम ने लगाए ये आरोप
जेएमएम ने आरोप लगाया कि विधानसभा में भाजपा के पास केवल 21 विधायक होने के बावजूद, बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने घोषणा की थी कि पार्टी चुनाव लड़ेगी। उसने आरोप लगाया कि इससे विधायकों की खरीद-फरोख्त करने या उन्हें पैसे का प्रलोभन, अनैतिक बाहरी दबाव और डरा-धमकाकर प्रभावित करने की कोशिश की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
जेएमएम ने ECI से आगे यह भी कहा कि वह वोटिंग के दौरान भ्रष्टाचार और डर को रोकने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करे। साथ ही जेएमएम ने सीबीआई, ईडी, डीआरआई, सीवीसी और राज्य के एसीबी समेत विभिन्न एजेंसियों पर भी कड़ी नजर रखने का अनुरोध किया है।
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चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की खाली हो रही 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है। सभी सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
