झारखंड के रामगढ़ जिले में गिद्दी-रामगढ़ सीमा से सटे जंगल के इलाके में शनिवार को एक अवैध कोयला खदान में चार मजदूरों की मौत हो गई है। बताया जा रहा कथित तौर पर खदान में जहरीली गैस लीक हो गई थी।
मृतकों की पहचान 25 वर्षीय आशीष राजवार, 35 वर्षीय किशोर रवानी, 25 वर्षीय देवा कुमार बेदिया और 30 वर्षीय डबलू बेदिया के रूप में की गई है। सूत्रों के मुताबिक, ये लोग कोयले की खुदाई करने के लिए बंद खदान में घुसे थे।
एक को बचाने में अन्य की हुई मौत
सूत्रों ने यह भी बताया कि सबसे पहले एक व्यक्ति जहरीली गैस की चपेट में आया और खदान के अंदर ही बेहोश हो गया। इसके बाद उसे बताने की कोशिश में तीन अन्य लोग खदान में घुसे, लेकिन वे भी जहरीली गैस का शिकार हो गए।
कुछ देर बाद स्थानीय निवासी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चारों लोगों को पास के अस्पताल ले जाया गया।
एक अधिकारी ने बताया, उनमें से दो को डॉक्टरों ने पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने आगे बताया कि मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
कई अवैध खनन स्थलों पर की गई कार्रवाई
वन विभाग ने मामले पर कहा कि वन क्षेत्र में अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। रामगढ़ के वन विभाग के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा, “सभी वैध और अवैध खनन क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आते हैं, लेकिन यह खनन हाल में विभाग को बिना बताए शुरू किया गया था। संभवत: इस अवैध खनन का पता कुछ ही दिन पहले चला। हालांकि हमने ऐसे कई अवैध खनन स्थलों को पता लगाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की है।”
नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वन विभाग इस मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन के साथ काम करेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने की कार्रवाई की मांग
इन मौतों को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अवैध खनन को रोकने में प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया और जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
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