उत्तर प्रदेश के महत्त्वाकांक्षी जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा जांच की मंजूरी के बाद अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ‘एयरोड्रम लाइसेंस’ जारी कर दिया है, जिससे हवाई अड्डे को विमान संचालन की अनुमति मिल गई है। एयरोड्रम लाइसेंस वह प्रमाणित करता है कि हवाई अड्डा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और परिचालन मानकों को पूरा करता है।
वाईआईएपीएल को एयरोड्रम लाइसेंस प्रदान कर दिया
यह लाइसेंस विमानों की उड़ान और उतरने यानी लैंडिंग (वाणिज्यिक संचालन) के लिए अनिवार्य है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने से कभी भी व्यावसायिक उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। इससे पहले गुरुवार को हवाई अड्डे को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा जांच की मंजूरी मिल गई थी। नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा कि डीजीसीए ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनआईए) के लिए वाईआईएपीएल को एयरोड्रम लाइसेंस प्रदान कर दिया है।
बयान में कहा गया कि पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ हवाई अड्डा सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। सभी चरणों के पूर्ण होने पर यह हवाई अड्डा सालाना सात करोड़ तक यात्रियों को संभाल सकता है। नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि नोएडा हवाई अड्डे का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाई पहुंच को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक वृद्धि, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।
फिलहाल छह महीने के लिए लाइसेंस जारी
एयरोड्रम लाइसेंस छह महीने के लिए फिलहाल जारी किया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश सिंह ने गुरुवार को बताया था कि हवाई अड्डे को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा जांच की मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हवाई अड्डा जल्द ही संचालन शुरू कर देगा। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि आज का दिन समूचे गौतमबुद्ध नगर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि का दिन है। अब अगले करीब डेढ़ महीने के भीतर यह हवाई अड्डा उड़ान संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धता के अनुसार जल्द ही इसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में होगा शुमार
हवाई अड्डे के पहले चरण में 1334 हेक्टेयर में चल रहा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें रनवे, टैक्सीवे, टर्मिनल व पार्किंग समेत अन्य सुविधा शामिल हैं। बैगेज हैंडलिंग, बोर्डिंग, सिक्योरिटी स्क्रीनिंग और यात्री प्रबंधन से जुड़े तकनीकी परीक्षण भी पूरे हो चुके हैं। यह सभी कई स्तरों पर हुई जांच में भी सफल पाए गए थे। खुद मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में हवाई अड्डे पर तैयारियों को परखा था। शुरुआत में घरेलू उड़ानों और कार्गो सेवाएं शुरू होंगी। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा।
