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जमीन की कीमत बढ़ी तो अपराध भी बढ़े- जदयू अध्यक्ष ने बिहार के लोगों को दी सजग होकर सौदा करने की सलाह

आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहारवासी जमीन की खरीद-बिक्री जांच परख कर ही करें। विवादित जमीन खरीदेने से बचें।

bihar , jdu , rcp singhजिला कार्यकर्ता सम्मलेन में शामिल होने भागलपुर पहुंचे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (फोटो – गिरधारी लाल जोशी )

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह आज मंगलवार को जिला कार्यकर्ता सम्मलेन में शामिल होने भागलपुर पहुंचे थे। इस दौरान 500 से ज्यादा लोगों ने दूसरे दलों को छोड़ कर भाजपा की सदस्यता ली। इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने आरसीपी सिंह गदगद हो गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते उन्होंने कहा कि भागलपुर ज़िले में जदयू की इकाई मजबूती से काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में जमीन की कीमत बढ़ी है तो अपराध भी बढे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों को सजग होकर जमीन खरीदने की सलाह दी।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहारवासी जमीन की खरीद-बिक्री जांच परख कर ही करें। विवादित जमीन खरीदेने से बचें। आज कल लोग कम दामों के कारण विवादित जमीन को भी खरीद लेते है। राज्य में जमीनों की कीमत में बेतहाशा इजाफा हुआ है इससे विवाद भी बढ़ा है। अगर लोग  सचेत रहे तो यह विवाद नहीं होगा और अपराध में भी कमी आएगी।

इस दौरान आरसीपी सिंह ने बिहार में हो अपराध की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अपराध तो समाज में होंगे, किस के मन में क्या चल रहा है यह कोई मशीन नहीं बता सकती। व्यक्तिगत, संपत्ति व पारिवारिक विवाद होते ही रहते हैं। इन्हीं वजहों से हत्याएं भी होती है। लेकिन सरकार का कर्तव्य है कि घटना होने के बाद अपराधी को सजा मिले और जांच सही से हो। आगे उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने आज तक किसी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया। लेकिन लालूराज में सीएम आवास से ही अपराधियों को  संरक्षण मिलता था। उस समय बिहार में अपहरण उद्योग पनपा हुआ था।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस दौरान लालूप्रसाद और नीतीश कुमार के राज की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि पहले बेटियां घर से नहीं निकल पाती थी। लोगों को डर लगा रहता था कि लड़की वापस घर लौटेगी या नहीं। लेकिन आज हरेक क्षेत्र में बेटियां आगे है। चाहे नौकरी की बात हो या स्थानीय निकाय चुनाव में नेतृत्व का सवाल हो। आज नीतीश सरकार ग्रेजुएट होने पर लड़कियों को 50 हजार और इंटर पास होने पर 25 हजार रुपए दे रही है।  इसके अलावा  समाज में भाईचारा , कौमी एकता और सौहार्दपूर्ण माहौल कायम करना ही नीतीश कुमार की सरकार का मकसद है। साथ ही उन्होंने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री कम से कम ग्रेजुएट तो होना ही चाहिए। उन्हें  मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुऐट होने में पांच-सात साल लगेंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री बनने का सपना देखें तो बेहतर है।

इस दौरान आरसीपी सिंह ने भागलपुर जिला कार्यकारिणी की भी खूब पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि मंच पर भागलपुर ज़िला के सभी पूर्व अध्यक्ष मौजूद हैं और ये सभी वर्तमान अध्यक्ष पंचम श्रीवास्तव के कंधे को मजबूत कर रहे हैं।  यह सबसे बड़ी बात है,ऐसी एकता दूसरे ज़िलों में देखने को नहीं मिलती। आपसी विवाद तो रहता ही है। मंच पर भागलपुर जदयू के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन साह, लक्ष्मीकांत मंडल, विभूति गोस्वामी और विजय कुमार सिंह भी मौजूद थे। साथ ही आरसीपी सिंह ने कहा कि भागलपुर पहला जिला है जहां बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष मुझे कार्यकर्ता सम्मेलन में आने का मौका मिला है और यह सुखद रहा।

जदयू में शामिल होने वाले संजय सिंहा पहले कांग्रेस के नगर अध्यक्ष पद पर आसीन थे और नगर निगम में वार्ड पार्षद भी हैं। इसके अलावा वे भागलपुर के कांग्रेस विधायक अजित शर्मा के सिपहसालार भी थे। संजय ने पार्टी छोड़ने पर कहा कि मैं 30 सालों से कांग्रेस का वफादार सिपाही रहा हूं। पार्टी छोड़ने पर दुःख तो हो रहा है। मगर दिवंगत भागवत झा आजाद से लेकर अजित शर्मा तक मैंने देखा कि कांग्रेस में सच्चे कार्यकर्ता का सम्मान नहीं है। जहां सम्मान नहीं है वहां रहने से क्या मतलब। इसी वजह से जदयू की सदस्यता ली है। यहां कार्यकर्ताओं के विचारों का सम्मान होता है। सम्मेलन में भागलपुर के जदयू सांसद अजय मंडल, राज्यसभा की पूर्व सदस्या कहकशां परवीन और पूर्व विधायक सुबोध राय, पार्षद ललन सर्राफ भी मौजूद थे।

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