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जेएनयू के छात्र संघ चुनावों में यूपी से सबसे ज्यादा उम्मीदवार, कन्हैया जल्द होंगे प्रचार में शामिल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के लिए नामांकन करने वाले कुल 21 उम्मीदवारों में सबसे अधिक कम से कम सात उम्मीदवार देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से हैं।

Author नई दिल्ली | September 1, 2017 1:42 AM
जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार। (Photo Source: Indian Express/File)

सुशील राघव
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के लिए नामांकन करने वाले कुल 21 उम्मीदवारों में सबसे अधिक कम से कम सात उम्मीदवार देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से हैं। हालांकि उम्मीदवारों में मणिपुर से लेकर गुजरात और हरिणाया से लेकर तमिलनाडु तक का प्रतिनिधित्व है।  जेएनयू छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों में तीन उम्मीदवार बिहार से हैं। इसके बाद बात करें तो हरियाणा और छत्तीसगढ़ से दो-दो, तमिलनाडु, झारखंड, मिजोरम, आंध्र प्रदेश, गुजरात और मणिपुर से एक-एक उम्मीदवार हैं। दो उम्मीदवार किस राज्य से हैं, जिसकी जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अलावा आॅल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अपराजिता राजा का कहना है कि वह खुद को आधी तमिलनाडु और आधी केरल की मानती हैं। इसी तरह बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार शबाना अली पैदा पश्चिम बंगाल में हुर्इं और उनकी परवरिश उत्तर प्रदेश में हुई।

खट्टर को लिया आड़े हाथ
आइसा की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार गीता कुमारी और एनएसयूआइ की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार वृशिंका सिंह दोनों ही हरियाणा की रहने वाली हैं। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के मामले को लेकर दोनों उम्मीदवारों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को आड़े हाथों लिया। गीता ने कहा कि मैं उन दो छोरियों को सलाम करती हूं जिनकी वजह से एक बलात्कारी आज जेल के अंदर है। इसी तरह वृशिंका ने कहा कि हरियाणा में लड़कियों को पहले से ही गर्भ में मार दिया जाता रहा है और अभी भी स्थिति अच्छी नहीं है।

जम्मू-कश्मीर से कोई उम्मीदवार नहीं
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में पिछले कुछ सालों से जम्मू-कश्मीर का कोई न कोई उम्मीदवार जरूर होता है। लेकिन इस बार इस राज्य से कोई उम्मीदवार नहीं है। साल 2015 में आइसा की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए जम्मू-कश्मीर की शेहला राशिद शोरा ने जीत दर्ज की थी। उस साल एनएसयूआइ और डीएसएफ के भी एक-एक उम्मीदवार जम्मू-कश्मीर से थे।

कन्हैया जल्द शामिल होंगे प्रचार में
जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एआइएसएफ के दो उम्मीदवारों के लिए प्रचार शुरू करेंगे। एआइएसएफ की अपराजिता राजा ने बताया कि अभी कन्हैया किसी काम से परिसर से बाहर है लेकिन वे जल्द ही हमारे साथ जुड़कर प्रचार शुरू करेंगे।

रात में ढाबों और दिन में छात्रावासों में प्रचार शुरू
चुनाव में उतरे सभी उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेता सौरभ शर्मा ने कहा कि उनके उम्मीदवार रात में ढाबों और दिन में छात्रावासों में प्रचार कर रहे हैं। इसी तरह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आॅफ इंडिया (एनएसयूआइ) के विवेकानंद पाठक ने कहा कि वह छात्रों से मिलकर अपनी बात उन तक पहुंचा रहे हैं।

अध्यक्ष उम्मीदवार
अपराजिता राजा (एआइएसएफ) : तमिलनाडु/केरल
गीता कुमारी (आइसा) : हरियाणा
निधि त्रिपाठी (एबीवीपी) : उत्तर प्रदेश
शबाना अली (बापसा) : पश्चिम बंगाल/उत्तर प्रदेश
वृशिंका सिंह (एनएसयूआइ) : हरियाणा
मोहम्मद फारुक आलम (निर्दलीय) : बिहार
गौरव कुमार (निर्दलीय) : जानकारी नहीं
उपाध्यक्ष उम्मीदवार
दुर्गेश कुमार (एबीवीपी) : उत्तर प्रदेश
फ्रांसिस लालरेमसिएमा (एनएसयूआइ) : मिजोरम
सिमोने जोया खान (आइसा) : बिहार
सुबोध कुंवर (बापसा) : झारखंड
महासचिव उम्मीदवार
दुग्गीराला श्रीकृष्ण (एसएफआइ) : आंध्र प्रदेश
करम बिद्यानाथ खुमन (बापसा) : मणिपुर
निकुंज मकवाना (एबीवीपी) : गुजरात
प्रीति ध्रुव (एनएसयूआइ) : छत्तीसगढ़
संयुक्त सचिव उम्मीदवार
अलीमुद्दीन (एनएसयूआइ) : उत्तर प्रदेश
मोहम्मद मेहंदी हसन (एआइएसएफ) : बिहार
पंकज केसरी (एबीवीपी) : छत्तीसगढ़
शिवेंद्र कुमार पांडे (निर्दलीय) : उत्तर प्रदेश
शुभांशू सिंह (डीएसएफ) : उत्तर प्रदेश
विनोद कुमार (बापसा) : उत्तर प्रदेश

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