ताज़ा खबर
 

आर्थिक तौर पर पिछड़ों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थामों में बढ़ा आरक्षण कोटा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए आरक्षण कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की घोषणा की है।

Author चंडीगढ़ | February 18, 2016 1:37 AM
जाट आंदोलन की एक फाइल फोटो

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए आरक्षण कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की घोषणा की है। उन्होंने वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर छह लाख रुपए करने की भी घोषणा की ताकि इस श्रेणी के तहत ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठा सकें। इस बीच आरक्षण को लेकर हरियाणा के कई इलाकों में आंदोलन जारी रहा, जिसके कारण सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा और लोग परेशान हुए। रोहतक में छात्र भी सड़क पर आए और आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी की और धरना दिया।

आंदोलन के बीच बुधवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के जाट नेताओं के साथ एक बैठक की और कुछ घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और जाट नेताओं के बीच व्यापक सहमति बनी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के सभी पहलुओं का अध्ययन करने के लिए गठित कमेटी आगामी हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र से पहले अपनी रपट देगी। उन्होंने कहा कि यह कमेटी विधानसभा में उचित बिल लाने सहित सभी सुझावों पर विचार करेगी।

सतलुज-यमुना संपर्क नहर के मामले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस बाबत सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र सुनवाई के लिए एक याचिका दायर की है और उम्मीद है कि फैसला हरियाणा के पक्ष में आएगा। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों से प्रदेशवासियों के हित में तुरंत अपना आंदोलन वापस लेने की अपील भी की। इस अवसर पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला भी मौजूद थे।

उधर जाट आंदोलन के कारण हरियाणा और दिल्ली से लगे कई इलाकों में आवाजाही पर असर पड़ा। आरक्षण को लेकर चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में बुधवार को रोहतक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के छात्र सड़क पर आ गए। आंदोलन के कारण सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने इस सिलसिले में एक हजार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर यह आंदोलन सोनीपत, भिवानी और हिसार जिलों में फैल गया।

आंदोलन के कारण कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। रोहतक में दयानंद विश्वविद्यालय के बाहर जमा हुए छात्रों के समूह ने नारेबाजी की और ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग की। छात्र विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 के बाहर धरने पर बैठे। उधर सोनीपत, झज्जर की सड़कें भी यातायात के लिए बंद रही जबकि हिसार, जींद और भिवानी जाने वाली सड़कों पर जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित किया जो रोहतक जिले के सांपला से होकर गुजरता है। भिवानी में खाप नेताओं ने दादरी-झज्जर-दिल्ली सड़क सील कर दी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के कारण उत्तर रेलवे के रोहतक-दिल्ली रेलखंड के सांपला-कारावाड, रोहतक-गोहाना, रोहतक-भिवानी व रोहतक-रेवाड़ी के मध्य रेल यातायात प्रभावित हुआ है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी कमल जोशी ने बताया कि जाट आंदोलन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की छह रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है। दो गाड़ियों के मार्ग में बदलाव किया गया है।

श्रीगंगानगर-दिल्ली एक्सप्रेस के मार्ग में परिवर्तन कर उसे बरास्ता जाखल-जींद-पानीपत चलाया जा रहा है और श्रीगंगानगर-हावड़ा एक्सप्रेस को जाखल-जींद-पानीपत के रास्ते भेजा जा रहा है। इससे पहले आल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक आंदोलनकारियों को समर्थन देने का एलान कर चुके हैं।सांसद कैप्टन अभिमन्यु सिंह ने कहा है कि भाजपा सरकार खुल दिमाग से आंदोलनकारियों से बातचीत करने को तैयार है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस सिलसिले में चार सदस्यों की समिति बनाई है। यह समिति 31 मार्च तक अपनी रपट देगी।

बहरहाल आंदोलन के दौरान कानून और व्यवस्था की हालत बिगड़ने की आशंका के चलते मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है जहां प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग बाधित किए हैं और रेल लाइनों पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार एक ठोस कार्ययोजना लेकर आए तब वे प्रदर्शन समाप्त करने पर विचार करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App