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गायों पर जुल्म ढाने वालों की आंखें खोलता है गोसेवक आफक अली

मूल रूप से कानपुर के अमरोहदा के आफक अली उर्फ मुन्ना इटावा शहर मे बाइस ख्बाजा के पास अपना बसेरा बनाए हुए हैं।

Author इटावा | April 11, 2017 4:21 AM
विधायकों के लिए कैंटीन में 10 किलो गोमांस लाया गया था। (Source-Express file photo)

दिनेश शाक्य 

आजकल देश भर मे हर ओर गाय बचाओ मुहिम का शोर है । ऐसे मे अगर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे उस मुसलिम की गाय प्रेम की चर्चा ना की जाए, जिसके कारण उसकी बीबी ही उसे छोड कर चली गई। आज इस व्यक्ति के पास 10 गाय हैं जो किसी मायने मे उसके बीबी-बच्चो से कम नहीं हैं।

गो प्रेम से चर्चा में
मूल रूप से कानपुर के अमरोहदा के आफक अली उर्फ मुन्ना इटावा शहर मे बाइस ख्बाजा के पास अपना बसेरा बनाए हुए हैं। यह बसेरा उनके गो प्रेम के कारण चर्चा में है। उसके इस आशियाने पर जनसत्ता को उसने बताया कि 16 साल पहले उसकी शादी हुई थी लेकिन बीबी को उसका गाय प्रेम पंसद नही आया। दोनों में इस मुद्दे पर तकरार हुई और बीबी ने मुन्ना को छोड दिया। मुन्ना का कहना है कि वह 13 साल की उम्र में इटावा आया था। उसने 15 साल की उम्र से गो पालन शुरू किया था। उसकी शादी इटावा के बकेवर की अफरोज जहां से हुई लेकिन वह तीन साल बाद ही उसका साथ छोड़ कर चली गई क्योंकि उसे मेरा गाय से लगाव पंसद नहीं था। बकौल मुन्ना बीबी ने उस पर गाय बेचने का दबाव बनाया लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुआ।

गो पालन के जरिए संदेश
गायों की देखभाल के लिए मुन्ना तड़के ही उठ जाते हैं। वह चारा सानी करते हैं फिर दूध निकल करके बेचते हैं। इससे गायों के चारे का बंदोबस्त तो हो ही जाता है और उनकी रोजीरोटी भी चल जाती है। मुन्ना को गाय बेचना और काटना कतई पंसद नही है वह कभी भी गाय या बछड़ा नहीं छोड़ते सिर्फ बड़े होने पर उसे छोड़ देते हैं। मुन्ना के इस गो पालन का संदेश है कि गाय है तो घी-दूध है। यह ताकत देता है जिससे शरीर चुस्त और दुरुस्त रहता है।

मुन्ना से बेहतर गोसेवक दूसरा नहीं
मुन्ना के गो लगाव पर भाजपा जिला इकाई के प्रवक्ता जितेंद्र गौड़ का माना है कि मुन्ना से बेहतर कोई गोसेवक इटावा में नही होगा। बहुत सारे लोग होंगे जो गोरक्षा के नाम पर तमाशा करते हैं लेकिन मुन्ना को ना नाम की चाहत है ना फोटो की। दो साल पहले मुन्ना के संपर्क में आएअशफाक का कहना है कि वो जब भी मुन्ना से मिलने आते हैं तो वो हमेशा गायों की ही सेवा करते हुए नजर आते हैं ।  मुन्ना की भांजी रानी बताती है कि वह अपने मामा के पास इसलिए आती रहती है क्योंकि उनको गाय बहुत अच्छी लगती है। हमारे घर वाले मामा के पास आने को मना करते हैं। इसके बाबजूद हम मामा के पास गाय देखने के लिए आ जाते हंै। निहाल अहमद कहते हंै कि इतना तो कोई अपने बच्चों के लिए नहीं करता जितना मुन्ना अपनी गायों के लिए करते हुए दिखते हैं।

 

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