बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीतकर सुर्खियों में बने हुए जन सुराज पार्टी के लीडर प्रशांत किशोर विधायक बनने के बाद युवाओं को रोजगार दिलाने पर अपना फोकस बनाए हुए हैं। मंगलवार को बांकीपुर में एक पब्लिक भाषण के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर आपके बच्चे पढ़े-लिखे हैं, लेकिन बेरोजगार हैं तो उनकी पढ़ाई और काबिलियत बताते हुए उनका CV तैयार करके मेरे ऑफिस में भेज दीजिए, हम उन्हें प्राइवेट सेक्टर में अच्छी नौकरी दिलाने में मदद करने की कोशिश करेंगे।
2 साल में 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का टारगेट
प्रशांत किशोर ने इस दौरान कहा कि आपके बच्चों को सरकारी नौकरी शायद न मिले, लेकिन हम उन्हें प्राइवेट सेक्टर में अच्छी नौकरी दिलाने में जरूर मदद करेंगे। बता दें कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार के दौरान युवाओं को रोजगार पर फोकस ज्यादा दिया था। विधायक बनने के बाद वह अपने वादे पर कायम हैं। उन्होंने अगले दो सालों में कम से कम 10,000 लोकल युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का टारगेट रखा है।
सरकारी स्कूलों में बदलाव का मॉडल पेश किया
बांकीपुर में एक पब्लिक भाषण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी के सत्ता में आने के बाद वह बिहार के अंदर नौकरियां दिलाएंगे, लेकिन “फिलहाल, आपको राज्य के अंदर और बाहर दोनों जगह नौकरियों से ही काम चलाना होगा।” इस दौरान प्रशांत किशोर ने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के प्लान पर भी बात की। प्रशांत किशोर ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्टैंडर्ड सुधारने के लिए एक साल की डेडलाइन तय की और कहा कि बदलाव इतने बड़े होने चाहिए कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए उन्हें चुनने के लिए बढ़ावा दें।
‘एक साल में सुधर जाएंगे बांकीपुर के सरकारी स्कूल’
उन्होंने कहा, “एक साल के अंदर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की क्वालिटी इतनी बेहतर हो जाएगी कि लोग अपने बच्चों का एडमिशन उन इंस्टीट्यूशन में करवाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उन्हें प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलाने और फीस भरने की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर पर आ जाएगी।”
बीजेपी के गढ़ में पीके का परचम
बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाई है। जिस बांकीपुर सीट से वह चुनाव जीते हैं वह बीजेपी का गढ़ थी। बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यहां से 4 बार विधायक रहे। करीब 3 दशक तक यह सीट बीजेपी का गढ़ थी, जो उपचुनाव में ढह गया। नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद ही यह सीट खाली हुई थी।
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प्रशांत किशोर पटना में जिस नई जगह पर शिफ्ट होंगे वहां दीघा विधायक संजीव चौरसिया उनके पड़ोसी होंगे। इसके अलावा उनके आवास के आसपास कुम्हार विधायक, पटना साहिब विधायक और फतुहा विधायक का भी आवास है। प्रशांत किशोर के आवास के बगल में बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव का भी आवास है। राम कृपाल यादव ने उपचुनाव के प्रचार के दौरान ही कहा था कि प्रशांत किशोर कौन हैं वह नहीं जानते। यहां पढ़ें पूरी खबर…
