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PoK से भारतीय सीमा में आए ट्रक से हथियार-गोला बारूद बरामद

हथियारों को ट्रक में बनायी गयी एक जगह में छिपाकर रखा हुआ था।

Author श्रीनगर | March 1, 2017 7:26 PM
भूस्खलन की वजह से बंद जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर लगी ट्रकों की लंबी कतार। (AP Photo/Channi Anand/28 Feb, 2017)

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उरी सेक्टर में व्यापार के लिए नियंत्रण रेखा पार आने जाने वाले एक ट्रक से कुछ हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए। पुलिस ने बुधवार (1 मार्च) को बताया कि एक खुफिया सूचना मिली थी कि नियंत्रण रेखा पार सामानों को व्यापार के लिए लेकर आने जाने वाले एक मालवाहक ट्रक में तस्करी करके कुछ हथियार और गोला बारूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के चकोठी इलाके से आ रहा जेके03बी 1586 पंजीकरण संख्या वाले एक मालवाहक ट्रक की उरी में तलाशी ली गयी और उसमें से एक चाइनीज पिस्तौल, 14 राउंड गोलियों के साथ दो मैगजीन, 120 राउंड के साथ चार एके मैगजीन और दो चीनी हथगोले बरामद किये गये।’ कुलगाम के बुच्पोरा गांव निवासी ट्रक चालक इरशाद अहमद मंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

अधिकारी ने कहा, ‘मंटू को चकोठी में एक आतंकवादी से ये हथियार मिले थे और उसे दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों को दिये जाने थे।’ उन्होंने बताया कि हथियारों को ट्रक में बनायी गयी एक जगह में छिपाकर रखा हुआ था। इस जगह को विशेष तौर पर हथियारों और गोला बारूद को छिपाकर रखने के लिए ही बनाया गया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उरी पुलिस थाने में शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।

दबाव में आकर आतंकियों के भागने में मदद करते हैं स्‍थानीय कश्‍मीरी, इससे दिक्‍कत बढ़ती है : सीआरपीएफ

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने गुरुवार (16 फरवरी) को कहा कि कश्मीर में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां स्थानीय लोगों पर आतंकवादियों का दबाव है कि वे भागने में उनकी मदद करें, जिससे आतंकवाद निरोधक अभियानों को नुकसान पहुंच रहा है। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (अभियान) जुल्फिकार हसन ने कहा कि सुरक्षा बल भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बेहद संयम से कार्रवाई करते हैं ताकि कोई अतिरिक्त क्षति नहीं हो और वहां के निवासी आतंकवादियों की धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकें। सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब थलसेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कल ही कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद निरोधक अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला करने वालों के खिलाफ ‘‘सख्त कार्रवाई’’ की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘(हालिया अभियानों में सुरक्षा बलों के) मारे जाने की घटनाएं भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हुई हैं और सुरक्षा बल संयम बरतते हुए अभियान चलाते हैं ताकि कोई अतिरिक्त क्षति नहीं हो। लेकिन भीड़ इस घेरेबंदी को तोड़कर आतंकवादियों को भागने में मदद करती है।’

हसन ने बताया, ‘यह कश्मीर के कुछ खास इलाकों में हो रहा है और ग्रामीण तथा स्थानीय लोग आतंकवादियों के दबाव में आकर ऐसा करते हैं।’ आईजी ने कहा कि मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को पथराव का भी सामना करना पड़ता है और इन सब से ‘अभियान को नुकसान’ पहुंचता है। उन्होंने कहा, ‘मैं स्थानीय लोगों से कहना चाहता हूं कि वे आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएं। हमलोग बेहद संयम बरत रहे हैं ताकि भीड़ को कोई अतिरिक्त क्षति नहीं पहुंचे, लेकिन यही हमारी समस्या बढ़ाता है। हमलोग अभियान को बेहतर तरीके से अंजाम देने की लगातार कोशिश कर रहे हैं ताकि वहां मौजूद लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे।’

 

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