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कश्मीर में तीसरे दिन भी रहीं पाबंदियां, स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं हुर्इं स्थगित

शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए सब्जार और उसके साथी को श्रद्धांजलि देने के लिए अलगाववादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में त्राल इलाके तक मार्च निकालने की अपील की थी।

Author श्रीनगर | Published on: May 31, 2017 1:00 AM
जुलाई 2016 से ही कश्मीर हिंसा की चपेट में है। (एजेंसी फाइल फोटो)

हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर सब्जार बट के एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कानून-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ऐहतियाती कदम के तौर पर कश्मीर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां मंगलवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहीं। घाटी में पथराव की दो घटनाओं को छोड़कर हालात शांतिपूर्ण रहे।
अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए सब्जार और उसके साथी को श्रद्धांजलि देने के लिए अलगाववादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में त्राल इलाके तक मार्च निकालने की अपील की थी। इसे देखते हुए पाबंदी लागू की गई। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि शोपियां जिले में केलेर चौक और पुलवामा जिले के त्राल इलाके में कोर्ट रोड पिंगलिश से पथराव की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा बलों ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। पथराव करने वाला एक नौजवान और कुछ सुरक्षाकर्मी इसमें घायल हो गए।

प्रवक्ता ने बताया कि पिंगलिश में भीड़ ने सुरक्षा बल पर भारी पथराव किया। लेकिन बल ने हालात से निपटने में अधिकतम संयम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ‘इन घटनाओं को छोड़कर कश्मीर में कुल मिलाकर स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही।’ अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां जिलों में प्रतिबंध लागू रहे और श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों और सोपोर में इस तरह की पाबंदियां लागू हैं। उन्होंने कहा कि मध्य कश्मीर के बडगाम और गांदेरबल जिलों में धारा 144 लगाई गई है। श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों खायनार, नौहट्टा, सफाकादल, एमआर गंज, रैनावारी, क्रालखुद और मैसूमा में पाबंदियां लगाई गई हैं। हुर्रियत कांफ्रेंस के चरमपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, नरमपंथी हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने लोगों से बड़ी संख्या में त्राल पहुंचकर मारे गए आतंकवादियों को श्रद्धांजलि देने को कहा था। मलिक को रविवार को यहां उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था, वहीं गिलानी और मीरवाइज को नजरबंद कर दिया गया।

इन अलगाववादी नेताओं ने रविवार और सोमवार को दो दिन के लिए बंद की अपील की थी। मंगलवार को उन इलाकों में औचक बंद आहूत किया गया जहां कोई पाबंदी नहीं थी। अधिकारियों ने कहा कि इन इलाकों में अधिकतर दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों से सार्वजनिक परिवहन के साधन नदारद रहे, लेकिन निजी कार, टैक्सियों और आॅटो-रिक्शा को चलते देखा गया। प्रशासन ने घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है, जबकि प्रीपेड नंबरों पर आउटगोइंग की सुविधा भी एहतियातन बंद है। अधिकारियों ने मंगलवार को कश्मीर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई रोक दी। वहीं कश्मीर विश्वविद्यालय ने मंगलवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया।

 

 

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