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कश्मीर: पुलिस ने लेफ्टिनेंट फैयाज के हत्यारों के पोस्टर लगाए, ईनाम की घोषणा की

लेफ्टिनेंट फैयाज का अपहरण कर हत्या करने में शामिल तीन आतंकवादियों की पहचान पद्देरपुरा गांव के निवासी इशफाक अहमद ठोकर और ग्यास उल इस्लाम तथा मंत्रीबुग के अब्बास अहमद भट के रूप में की है।

Author श्रीनगर | May 12, 2017 8:28 PM
इंडियन आर्मी का जवान। (फाइल फोटो)

कश्मीर के युवा सैन्य अधिकारी उमर फैयाज की हत्या में वांछित हिज्बुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकवादियों के फोटोग्राफ वाले पोस्टर शोपियां के विभिन्न स्थानों पर आज पुलिस ने चस्पा किए और उनके बारे में सूचना देने वालों को ईनाम की पेशकश की है। पुलिस ने लेफ्टिनेंट फैयाज का अपहरण कर हत्या करने में शामिल तीन आतंकवादियों की पहचान पद्देरपुरा गांव के निवासी इशफाक अहमद ठोकर और ग्यास उल इस्लाम तथा मंत्रीबुग के अब्बास अहमद भट के रूप में की है। लेफ्टिनेंट फैयाज :22: का मंगलवार को अपहरण कर लिया गया था और अगले दिन सुबह शोपियां में उनका शव बरामद किया गया था। वह एक रिश्तेदार के शादी समारोह में हिस्सा लेने वहां गए थे। इस घटना से देश भर में क्षोभ व्याप्त हो गया और सेना ने उनके हत्यारों को दंडित करने का संकल्प जताया जबकि रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने हमले को आतंकवादियों द्वारा किया गया ‘‘कायराना हरकत’’ करार दिया।

कुलगाम जिले के रहने वाले लेफ्टिनेंट फैयाज जम्मू के अखनूर क्षेत्र में पदस्थापित थे और पिछले वर्ष दिसम्बर में सेना में उन्हें कमीशन प्राप्त हुआ था।जिला पुलिस शोपियां द्वारा लगाए गए पोस्टर में आतंकवादी हाथों में बंदूक लिए हुए हैं और इस पर संदेश लिखा हुआ है — ‘‘उपर्युक्त अपराधी उमर फैयाज पारे पुत्र फैयाज अहमद पारे, निवासी सरसोना कुलगाम की हत्या सहित कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं….।’’ पोस्टर में लिखा हुआ है, ‘‘उपर्युक्त अपराधियों के बारे में सूचना देने वाले किसी भी व्यक्ति को उपयुक्त ईनाम दिया जाएगा और इसे गोपनीय रखा जाएगा।’’

रक्षा विभाग के सूत्रों ने कल कहा था कि फैयाज की हत्या में शामिल छह आतंकवादियों की पहचान की गई है।उन्होंने कहा कि ये आतंकवादी लश्कर ए तैयबा :एलईटी: और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न इलाके में छापेमारी कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा था कि हत्या के पीछे हिज्बुल मुजाहिद्दीन का मॉड्यूल है और पुलिसकर्मियों से छीने गए एक इंसास राइफल का प्रयोग अपराध में किया गया होगा।’’

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक एस जे एम गिलानी ने कहा था, ‘‘हमने प्रारंभिक जांच की है… यह शोपियां में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के मॉड्यूल की तरफ इशारा करता है।’’लेफ्टिनेंट फैयाज को जिस स्थान पर गोली मारी गई थी, वहां से इंसास राइफल के दो खाली कारतूस पाए गए थे।
उन्होंने कहा था, ‘‘दक्षिण कश्मीर में हाल में हथियार छीनने की दो घटनाएं हुईं। हमें सूचना मिली है कि कुलगाम में लश्कर के आतंकवादियों ने हथियार छीने जबकि शोपियां अदालत परिसर में :दो मई को: हथियार छीनने की घटना में हिज्बुल के आतंकवादी शामिल थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह उन्हीं में से एक हथियार हो सकता है। हम इसकी जांच कर रहे हैं।’’

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