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लालकिले से पीएम ने कहा- कश्मीर समस्या का हल गोली या गाली नहीं, गले लगाकर

मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के विकास के सपने को पूरा करने में मदद के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ही नहीं बल्कि पूरा देश उनके साथ है।
Author नई दिल्ली | August 16, 2017 02:26 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतत्रंता दिवस के अवसर पर लालकिले के प्राचीर कहा था कि एक ऐसा मंच बनना चाहिए जहां से सभी को सस्ता इलाज मिल सके। (ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कश्मीर समस्या न गाली से सुलझने वाली है, न गोली से। इस समस्या का समाधान हर कश्मीरी को गले लगाने से निकलेगा। सवा सौ करोड़ का यह देश इसी परंपरा में पला-बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को 71वें स्वाधीनता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चंद अलगाववादी राज्य में समस्याएं पैदा करने के लिए विभिन्न चालें चलते हैं। लेकिन सरकार कश्मीर को फिर से स्वर्ग बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के विकास के सपने को पूरा करने में मदद के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ही नहीं बल्कि पूरा देश उनके साथ है। देश की आंतरिक सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा।  उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, लक्षित हमले ने इसे रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर वैश्विक सहयोग मिल रहा है। इसके तहत सूचना का आदान-प्रदान भी हो रहा है। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। भारत के लोकतंत्र में आपकी बात करने के लिए पूरा अधिकार है, पूरी व्यवस्था है। मुझे खुशी है कि हमारे सुरक्षाबलों के प्रयासों से बड़ी बाकी संख्या में अलगाववादी मुख्यधारा में लौटे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आस्था के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जातिवाद और संप्रदायवाद को देश के लिए जहर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में आस्था के नाम पर हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी ने जातिवाद और संप्रदायिकता को समाज के लिए जहर बताते हुए कहा कि इस तरह की समस्याएं किसी भी लिहाज से देशहित में नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत और प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि दुख क ी इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों देश के कई भू-भागों में इस प्राकृतिक आपदा का संकट आया। पिछले दिनों अस्पताल में हमारे मासूम बच्चों की मौत हुई। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि ऐसे संकट के समय पूर्ण संवेदनशीलता के साथ जन सामान्य की सुखकारी के लिए, सुरक्षा के लिए कुछ भी करने में हम कमी नहीं रहने देंगे।  इस अवसर पर उन्होंने नए भारत के निर्माण, देश की आंतरिक सुरक्षा, नोटबंदी और बेनामी संपत्ति पर विचार रखते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर उभरते भारत की तस्वीर पेश की। प्रधानमंत्री ने अपील की कि चलता है वाला रवैया अब खत्म होना चाहिए। इसकी जगह बदल सकता है का दृष्टिकोण सामने आना चाहिए। नोटबंदी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश और गरीबों को लूटा है, वह शांति से सो नहीं पाएंगे। आज देश में ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नोटबंदी से करोड़ों रुपए का बिना हिसाब-किताब वाला धन व्यवस्था में आया है। सरकार के इस कदम से कालेधन के सृजन में कमी आई है। नोटबंदी में सवा सौ करोड़ देशवासियों ने जिस धैर्य को दिखाया, उसी का परिणाम है कि हम आज भ्रष्टाचार के खिलाफ नकेल लगाने में एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। नोटबंदी का फायदा यह रहा कि इस साल कर रिटर्न दाखिल करने वाले नए लोगों की संख्या एक साल पहले के मुकाबले दोगुने से भी अधिक होकर 56 लाख तक पहुंच गई।

मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद जो आंकड़े सामने आये हैं उनमें 18 लाख लोगों की आय-व्यय में अंतर पाया गया है। उन्हें अब जवाब देना है कि उनके पास यह संपत्ति कहां से आई। इन 18 लाख में से 4.5 लाख लोग सामने आए हैं। इन लोगों ने अपनी गलती सुधारने की बात कही है। इनमें एक लाख लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कभी भी आयकर नहीं भरा। कालेधन के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल में सवा लाख करोड़ रुपए के कालेधन का पता चला है। कालाधन रखने वालों को इसे सुपुर्द करने पर मजबूर होना पड़ा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस देश में चार-पांच कंपनियों के बंद हो जाने से तूफान खड़ा हो जाता था ऐसे मुद्दों पर बहस छिड़ जाती थी, वहां नोटबंदी के बाद पौने दो लाख कंपनियों के पंजीकरण रद्द हो चुके हैं। कालाधन रखने वालों ने इन मुखौटा कंपनियों की आड़ में अपना धन छुपाकर रखा था। नोटबंदी के बाद पता चला कि देश में तीन लाख मुखौटा कंपनियां चल रही थीं। एक ही पते पर 400-400 कंपनियां रजिस्टर्ड थीं। पूरी तरह से मिलीभगत चल रही थी। देश का माल लूटने वालों को अब जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से करोड़ों रुपए का कालाधन बैंकों में आया। इससे अब ब्याज दर कम हो रही है। ब्याज दरें घटने से आम आदमी को सस्ता कर्ज मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद नकदी प्रवाह कम हुआ है, डिजिटल भुगतान बढ़ा है। पिछले एक साल में डिजिटल भुगतान में 34 फीसद बढ़ोतरी हुई है। कालेघन की लड़ाई में 800 करोड़ रुपए से ज्यादा बेनामी संपत्ति सरकार ने जब्त की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ती दरों पर आवास ऋण उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं शुरू की हैं।

प्रधानमंत्री ने 2022 में भव्य-दिव्य हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प जताते हुए कहा कि हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाएंगे, जहां गरीब के पास पक्का घर हो, बिजली हो, पानी हो। हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाएंगें, जहां देश का किसान चिंता में नहीं चैन से सोएगा। आज वह जितना कमा रहा है, वह 2022 तक उसका दोगुना कमाएगा। नए भारत के लिए अपने नजरिए को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तंत्र से लोक नहीं लोक से तंत्र चलेगा। प्रधानमंत्री ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कुप्रथा के खिलाफ साहस दिखाने वाली महिलाओं की वह प्रशंसा करते हैं। इस संघर्ष में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से अभिप्राय शांति, एकता और सद्भाव है। उन्होंने कहा कि जातिवाद और सांप्रदायिकता हमारे लिए मददगार नहीं हैं। उन्होंने आस्था के नाम पर हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि भारत में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों भारत छोड़ों का आंदोलन भारत छोड़ो का अभियान था, लेकिन आज यह भारत जोड़ो का आह्वान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने कोई ढिलाई बरते बगैर विकास के नए मार्ग चुने हैं। एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम सही दिशा में सही कदम नहीं उठाते तो हमें अपेक्षित नतीजे नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के लिए न्यू इंडिया का संकल्प लेने का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि आज दोगुनी रफ्तार से सड़के बन रही हैं। आज दोगुनी रफ्तार से रेलवे की पटरियां बिछाई जा रही हैं। आज 14 हजार से ज्यादा गांव, जो आजादी के बाद भी अंधेरे में पड़े थे, वहां तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। देश उजाले की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने एक ऐसा नया भारत बनाने की अपील की जहां महिलाओं को अपने सपने साकार करने के पर्याप्त अवसर होंगे। एक ऐसा भारत होगा जो आतंकवाद सांप्रदायिकता,जातिवाद भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से मुक्त होगा। एक ऐसा भारत स्वच्छ और स्वस्थ होगा।

 

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