कश्मीर हिंसा : मीडिया पर कथित ‘पाबंदी’ पर प्रेस काउंसिल ने सरकार से मांगी रिपोर्ट - Jansatta
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कश्मीर हिंसा : मीडिया पर कथित ‘पाबंदी’ पर प्रेस काउंसिल ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

द एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया ने कल राज्य में मीडिया का ‘‘अनुचित रूप से मुंह बंद करने’’ के लिए जम्मू कश्मीर सरकार की निंदा की थी

Author नई दिल्ली | July 18, 2016 8:05 PM
कश्मीर में कर्फ्यू के दौरान तैनात राज्य पुलिस। (AP File Photo)

प्रेस काउंसिल आफ इंडिया :पीसीआई: अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने कश्मीर घाटी में मीडिया पर कथित पाबंदी पर आज एक शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया और इस मुद्दे पर राज्य सरकार से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी। प्रसाद का यह निर्देश राज्य में ‘‘प्रेस पर कथित हमले’’ को लेकर जम्मू कश्मीर प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष जी एच कलू की एक शिकायत पर आया है।

पीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘अध्यक्ष ने काउंसिल के सदस्यों की ओर से उन पत्रों पर गौर किया जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर के हालात पर अपनी चिंता जतायी है और उन्होेंने प्रथम दृष्टया संतुष्ट होकर मुख्य सचिव, सचिव :गृह: और पुलिस महानिदेशक से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।’’ द एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया ने कल राज्य में मीडिया का ‘‘अनुचित रूप से मुंह बंद करने’’ के लिए जम्मू कश्मीर सरकार की निंदा की थी और ‘‘संदेशवाहक को निशाना बनाने’’ के प्रयासों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था।

कश्मीर के समाचार पत्र मालिकों ने तब समाचारपत्र प्रकाशित नहीं करने का निर्णय किया था जब अधिकारियों ने शनिवार को कथित तौर पर कुछ मीडिया घरानों पर छापे मारे और उनकी मुद्रित प्रतियां जब्त कर लीं। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शनों के बाद मीडिया पर कथित ‘‘पाबंदी’’ के बाद कर्फ्यू वाले कश्मीर में स्थानीय समाचार पत्र आज लगातार तीसरे दिन भी स्टैंड पर नहीं आये।

अंग्रेजी, उर्दू या कश्मीरी का कोई भी स्थानीय समाचारपत्र उपलब्ध नहीं था क्योंकि समाचारपत्र मालिकों ने गत शुक्रवार की रात में सरकार की कथित ‘‘पाबंदी’’ के बाद उन्हें प्रकाशित नहीं करने का निर्णय किया।

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