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जीएसटी पर बुलाए गए जम्मू कश्मीर विस के विशेष सत्र में हंगामा, बीजेपी विधायकों ने राशिद को दी नतीजा भुगतने की धमकी

भाजपा सदस्यों ने रशीद से माफी मांगने या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहने को कहते हुए 2015 में सदन में उनके साथ हुई मारपीट की याद दिलाई। उस समय निर्दलीय विधायक ने कथित तौर पर गोमांस की दावत दी थी।
Author श्रीनगर, | July 5, 2017 01:28 am
निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद। (Photo-PTI/File)

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) पर बुलाए गए जम्मू कश्मीर विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एक निर्दलीय विधायक ने कश्मीर मुद्दे के प्रस्ताव की मांग की। इसका भाजपा विधायकों ने विरोध किया और विधायक को नतीजे भुगतने की चेतावनी दी। इस दौरान विधानसभा का एक कर्मचारी बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं पत्रकारों ने सदन की कार्यवाही की कवरेज पर बंदिश लगाए जाने का विरोध किया। अध्यक्ष की ओर से खेद जताए जाने के बाद उन्होंने कार्यवाही की कवरेज की। इससे पहले जीएसटी के विरोध में विधानसभा पर प्रदर्शन करने वाले व्यापारियों को हिरासत में ले लिया गया। राज्य में जीएसटी लागू करने के लिए सरकार की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हो रही थी। इस दौरान निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल रशीद ने कश्मीर मुद्दे के प्रस्ताव की मांग करते हुए विधायकों को रोका। बाधा डालने से नाराज पीडीपी विधायक जावेद हसन बेग की रशीद के साथ बहस हो गई। बेग ने कहा, ‘हमारे विधानसभाध्यक्ष कमजोर हैं, जो आपको ऐसा करने दे रहे हैं।’ विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस विधायक भी सामने आ गए और बेग पर आसन का अपमान करने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा सदस्यों की बहस रशीद से होने लगी। रशीद ने जम्मू कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताते हुए लंबित प्रस्ताव के बारे में कहा। भाजपा सदस्यों ने रशीद से माफी मांगने या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहने को कहते हुए 2015 में सदन में उनके साथ हुई मारपीट की याद दिलाई। उस समय निर्दलीय विधायक ने कथित तौर पर गोमांस की दावत दी थी।

इस पर नेकां विधायक रशीद के बचाव में आ गए। उन्होंने भाजपा सदस्यों को रशीद को छूकर दिखाने की धमकी दी। नेकां विधायकों ने कर्मचारियों की ओर से रशीद को बाहर किए जाने से रोकने की कोशिश की। हंगामा बढता देख अध्यक्ष ने रशीद को मार्शलों के जरिए बाहर निकालने का आदेश दिया। इस पर विपक्षी विधायकों और वाच एंड वार्ड स्टाफ के बीच धक्कामुक्की में एक कर्मचारी अचेत होकर गिर पड़ा। उन्हें विधानसभा परिसर में स्थित चिकित्सालय ले जाया गया।इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने में दो घंटे की देरी हुई क्योंकि सदन की कार्यवाहियों की रिपोर्टिंग पर लगी बंदिशों के विरोध में मीडिया ने सदन का बहिष्कार कर दिया। इस पर विपक्षी पार्टियों ने भी सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से इनकार करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग पर लगी बंदिशें हटाए जाने के बाद ही वे इसमें हिस्सा लेंगे। विधानसभा के अध्यक्ष कवींद्र गुप्त के माफी मांगने पर पत्रकारों ने अपना विरोध खत्म किया। विधानसभा परिसर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पत्रकारों को जारी किए गए वाहन पास को मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि विधानसभा सचिवालय ने कार्यवाही कवर करने के लिए मीडिया को दी गई इजाजत वापस ले ली है। इस पर पत्रकारों ने इन बंदिशों के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया।

जैसे ही विपक्षी नेताओं ने पत्रकार दीर्घा खाली देखा, उन्होंने अध्यक्ष के सामने यह मुद्दा उठाया और बंदिशें तुरंत हटाने की मांग की। अध्यक्ष ने 30 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। विधानसभा सचिव एमके सिंह ने पत्रकारों को सदन की कार्यवाही कवर करने के लिए मनाने की खातिर उनसे मुलाकात की। बहरहाल, पत्रकारों ने कहा कि सदन के संरक्षक होने के नाते अध्यक्ष को उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि मान्य पास होने के बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने उनका अपमान क्यों किया। इस बीच, संसदीय कार्यमंत्री एआर वीरी और सूचना मंत्री चौधरी जुल्फीकार अली ने प्रदर्शनकारी पत्रकारों से मुलाकात कर संवादहीनता के कारण हुई इस घटना की जांच कराने का वादा किया। इसके बाद भी पत्रकार अपने रुख पर डटे रहे, जिसकी वजह से अध्यक्ष को उनसे मुलाकात कर घटना पर खेद प्रकट करना पड़ा। पत्रकार इसके बाद अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का निर्वाह करने के लिए लौट आए।
वहीं राज्य में जीएसटी को मौजूदा रूप में लागू करने का विरोध करते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा की तरफ मार्च करने की कोशिश करने वाले कई व्यापारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि व्यापारियों को सिविल सचिवालय कॉम्पलेक्स के दरवाजे के निकट से हिरासत में लिया गया। यहीं पर विधानसभा भी है। विधानसभा के निकट नई कर व्यवस्था को उसी रूप में राज्य में लागू करने का विरोध करने के लिए व्यापारियों का प्रदर्शन तय था। व्यापारियों का दावा है कि नई कर व्यवस्था को लागू करना राज्य के विशेष दर्जे और इसकीराजकोषीय स्वायत्तता पर प्रहार करना है।

जीएसटी के खिलाफ हाथ में काले झंडे पकड़े हुए और नारे लगाते हुए कई व्यापारी प्रदर्शन करने के लिए यहां जहांगीर चौक पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि व्यापारियों ने सिविल सचिवालय की तरफ मार्च करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने सचिवालय के बाहर ही कई व्यापारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदेश में जीएसटी को लागू करने के लिए मंगलवार राज्य विधानसभा में विशेष सत्र शुरू हुआ है।

 

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