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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने की मांग, कश्मीर पर हो पाकिस्तान-अलगाववादियों के साथ बातचीत

पार्टी ने कहा है कि घाटी में मौजूदा अशांति को महज कानून व्यवस्था की समस्या के तौर पर लेना हास्यास्पद होगा।

Author श्रीनगर | Published on: July 24, 2016 2:02 PM
omar abdullah, pdp, bjp, pdp bjp, Jammu and Kashmir, J&K, jammu, kashmir, Land Act, Transfer of Property Act, jammu kashmir land act, jammu kashmir land, india newsउमर अब्दुल्ला (file phto)

जम्मू कश्मीर में मुख्य विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आज केन्द्र से राजनीतिक मुद्दों पर परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ साथ जम्मू कश्मीर में अलगाववादी समूहों से सतत बातचीत शुरू करने को कहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि घाटी में मौजूदा अशांति को महज कानून व्यवस्था की समस्या के तौर पर लेना हास्यास्पद होगा। स्थिति की समीक्षा के लिए कल यहां पहुंचे गृह मंत्री राजनाथ सिंह को इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री एवं इसके कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फेंस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सूचित कर दिया था।

गृह मंत्री को भेजे एक ज्ञापन में नेकां ने कश्मीर में समस्या को ‘‘राजनीतिक समस्या के तौर पर’’ पहचानने में केंद्र की नाकामी पर गहरी निराशा जाहिर की, जहां आंतरिक और बाह्य दोनों स्तर पर राजनीतिक भागीदारी की जरूरत है। पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति से निपटने में राज्य सरकार की लगातार नाकामी ‘‘स्पष्ट और चौंकाने’’ वाली है, घाटी में मौजूदा अशांति का विशुद्ध रूप से कानून व्यवस्था के मुद्दे के तौर पर सरलीकरण करना हास्यास्पद होगा।

कश्मीर में राजनीतिक भावनाओं से निपटने में ‘‘लीक से हटकर विचार करने के बजाय’’ नयी दिल्ली की कोशिश और उनके जांचे परखे फॉर्मूले से हालात और बेकाबू हुए हैं और इससे लोगों में खासकर युवाओं में असंतोष और निराशा बढ़ी है जिनका दीर्घकालिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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