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नेशनल कांफ्रेंस ने कश्मीर पर केंद्र की ‘गहरी चुप्पी’ को बताया ‘अनैतिक’

वानी ने आरोप लगाया, ‘हर गुजरते दिन के साथ कश्मीर के युवक लोकतंत्र में अपनी बची खुची उम्मीद खो रहे हैं और यह राज्य एवं केंद्र दोनों का ही तेज एवं साफ प्रतिकार है।’

Author श्रीनगर | August 5, 2016 11:32 AM
कश्मीर में स्थिति को संभालने के लिए तैनात सुरक्षाबलों के जवान। (Photo Source: Indian Express/Shuaib Masoodi)

विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं पर केंद्र की ‘गहरी चुप्पी’ को ‘अनैतिक’ बताते हुए उससे पाकिस्तान, अलगाववादियों और सभी हितधारकों को शामिल कर स्थिति के हल के लिए ‘‘बिना शर्त’’ बातचीत करने की मांग की। नेकां के कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने यहां कहा, ‘केंद्र को समझना चाहिए कि कश्मीर एक राजनीतिक मुद्दा है, आतंकवाद की अभिव्यक्ति या कानून-व्यवस्था की आम समस्या नहीं है।’

उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार को तत्काल इस्लामाबाद और साथ हीं हुर्रियत कांफ्रेंस के नेतृत्व सहित कश्मीर के हितधारकों के साथ स्थायी एवं बिना किसी शर्त के बातचीत करनी चाहिए।’ वानी ने चेतावनी दी, ‘किसी व्यापक राजनीतिक पहल के जरिए कश्मीर के लोगों से संपर्क करने में हो रही लंबी देरी के अकल्पनीय खतरे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कश्मीर में नागरिकों की लगातार हो रही हत्याओं पर केंद्र की गहरी चुप्पी अनैतिक है। घाटी में, खासकर युवाओं में अलगाव की भावना अभूतपूर्व है और स्थानिक है।’

नेकां नेता ने दावा किया कि कश्मीर समस्या को कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर उससे निपटने के केंद्र के ‘परखे और आजमाए हुए’ तरीके ने घाटी में ‘निराशा एवं हताशा की भावना’ पैदा की है। वानी ने आरोप लगाया, ‘हर गुजरते दिन के साथ कश्मीर के युवक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बची खुची उम्मीद खो रहे हैं और यह राज्य एवं केंद्र दोनों का ही तेज एवं साफ प्रतिकार है।’

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