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श्रीनगर: दोहरे आतंकी हमले में तीन पुलिसकर्मी की मौत, हिजबुल मुजाहिदीन ने ली जिम्मेदारी

जब स्टेशन के पुलिस वाले नाके पर चाय पी रहे थे तभी मोटरसाइकिल पर आए दो आतंकियों ने अंधाधुंध फाइरिंग शुरू कर दी।

Author श्रीनगर | May 24, 2016 04:34 am
हमले के बाद जांच में जुटी पुलिस। (pic source-pti)

श्रीनगर के बीचों बीच आतंकवादियों ने सोमवार (23 मई) को दोहरा हमला कर एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सहित तीन पुलिसकर्मियों को मार डाला, जिनमें से दो लोग निहत्थे थे। करीब तीन साल के अंतराल के बाद जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में ऐसा कोई बड़ा हमला हुआ है। दिनदहाड़े 75 मिनट के अंतराल पर हुए इन आतंकवादी हमलों से राजनीतिक दलों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच चिंता छा गई और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यहां एक चिंताजनक घटनाक्रम हुआ है तथ सरकार को बाशिंदों और पर्यटकों को भरोसा दिलाने के लिए शीघ्रता से कदम उठाना चाहिए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना को ‘बहुत चिंताजनक’ बताया। आतंकवादी एक मारे गए पुलिसकर्मी की राइफल लेकर भी भाग गए। आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है। पहले हमले के तहत आतंकवादियों ने जदीबल इलाके में पूर्वाह्न करीब पौने ग्यारह बजे दो पुलिसकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी जो निहत्थे थे।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान एएसआई गुलाम मोहम्मद और हेड कांस्टेबल नजीर अहमद के रूप में की गई है। ये पुलिसकर्मी जदीबल पुलिस थाना में नियुक्त थे। पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके से भागने में कामयाब रहे हमलावरों को खोजने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

वहीं, दूसरा हमला परीमपुरा-हैदरपुरा बाईपास मार्ग पर स्थित तंगपुरा में हुआ। वहां आतंकवादियों ने मोहम्मद सादिक नाम के एक कांस्टेबल को गोली मार दी जो जम्मू कश्मीर पसमंदा तबकाजात (दबे कुचले वर्ग) के अध्यक्ष के सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात थे। अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी घायल पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर भी भाग गए। यह हमला सोमवार (23 मई) दोपहर करीब 12 बजे हुआ। घायल पुलिसकर्मी की बाद में बटमालू स्थित पुलिस अस्पताल में मौत हो गई।

गौरतलब है कि इससे पहले 22 जून 2013 को यहां ऐसा हमला हुआ था जब आतंकवादियों ने हरि सिंह हाई स्ट्रीट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। राज्य सरकार ने हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा कि ये हमले उसे शांति, समृद्धि और विकास की कोशिशें करने से नहीं डिगाएंगे। सरकार ने कहा कि इन ताकतों से एकजुटता के साथ निपटना होगा।

उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्त आ गया है कि हम सभी को शांति, समृद्धि के प्रति बैरी ताकतों का मुकाबला करने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।’ वहीं प्रदेश कांग्रेस ने हालात को काबू पाने में नाकाम रहने को लेकर पीडीपी-भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए पुलिसकर्मियों की हत्या को सत्तारूढ़ गठबंधन के कुशासन और गलत नीतियों का नतीजा बताया।

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