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मां ने की हथियार छोड़ने की अपील, घर लौट आया कश्‍मीरी आतंकी

युवक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़ी तमाम जानकारियों को गोपनीय रखा गया है।

पुलिस ने ऐलान किया था कि अगर स्थानीय आतंकवादी आत्मसमर्पण करते हैं तो उनके समर्पण की पेशकश को स्वीकार किया जाएगा।

कश्मीर से एक अच्छी खबर आई है। आतंकवाद की राह पकड़ चुका एक युवक अपनी मां की अपील के बाद आज घर लौट आया। पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने आज एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के चंगुल में फंसा एक नौजवान अपनी बिलखती मां की अपील पर हिंसा का रास्ता छोड़ अपने परिवार के पास वापस लौट आया है। डीजीपी ने नौजवान के परिवार में वापस लौटने पर खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा – परिवार को पुनः एक साथ आने की शुभकामनाएं। युवक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़ी तमाम जानकारियों को गोपनीय रखा गया है। इससे पहले 2017 में हिंसा के रास्ते पर गए चार युवकों ने घर वापसी का फैसला किया था।

पिछले महीने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एमएलसी विक्रम रंधावा के एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा था कि चार भटके हुए नौजवानों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लाया गया है। उन्होंने कहा था कि कोशिश की जा रही है कि मिलिटैंट्स के परिवार वालों की मदद से उन्हें हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापस बुलाया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में युवाओं के चरमपंथ और अलगाववाद की ओर जाने से रोकने के लिए कई अन्य युवा सहभागिता वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर यूथ क्लब बनाकर युवाओं को इंफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी और इंडोर गेम्स के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घाटी में सोशल मीडिया पर भी काफी नजर रखी जा रही है। जिससे युवाओं को गुमराह होने से बचाया जा सके। बता दें कि पिछले साल पुलिस ने ऐलान किया था कि अगर स्थानीय आतंकवादी आत्मसमर्पण करते हैं तो उनके समर्पण की पेशकश को स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद से वहां 12 से अधिक आतंकी समर्पण कर चुके हैं।

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