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प्रेस वार्ता में महबूबा हुईं आक्रोशित, सवालों के जवाब में कहा- थैंक्यू, आइए चाय पी लीजिए

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ पत्रकार वार्ता की।

Author Updated: August 25, 2016 2:37 PM
जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती। (पीटीआई फाइल फोटो)

गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के हालात पर पत्रकार वार्ता की। वार्ता के दौरान पहले राजनाथ सिंह ने पत्रकारों के सवाल के जवाब दिए. उनके बाद सूबे की सीएम ने पत्रकारों का जवाब देना शुरू किया। सवाल-जवाब के दौरान महबूबा आक्रोशित हो गईं। महबूबा ने पत्रकारों से कहा, “जो मारे गए हैं उनमें 90 प्रतिशत बच्चे हैं, गरीबों के बच्चे हैं…..95 कश्मीरी पीसफुल तरीके से हल चाहते हैं…मगर पांच प्रतिशत लोग …मिसक्रिएंट हमारे बच्चों को शील्ड बनाकर कैंपों पर हमला कराते हैं…..कुछ लोगों ने अपने नाजायज मकसद के लिए बच्चों को भट्टी में डाल दिया है.”

महबूबा के इस रुख पर पत्रकार उनसे प्रतिप्रश्न करने लगे और उनके 2010 के पुराने स्टैंड का हवाला देने लगे। इसपर महबूबा ने कहा कि वो अभी भी कश्मीर के मसले के बातचीत के समाधान के पक्ष में हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान थोड़ी देर के लिए स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि गृह मंत्री राजनाथ को बीचबचाव करते हुए कहना पड़ा, “महबूबा जी तो आपकी अपनी हैं…” राजनाथ का संकेत पत्रकार तो नहीं समझे लेकिन सीएम महबूबा ने तुरंत पत्रकार वार्ता की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहने लगीं, “थैंक्यू, आइए चाय पी लीजिए…आइए चाय पी लीजिए…”

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पत्रकार वार्ता में एक सवाल के जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार कश्मीरियों के लिए एक नोडल अफसर तैनात करेगी जो पूरे देश के कश्मीरियों की समस्याओं की सुनवाई करेगा। पैलेट गन के इस्तेमाल पर राजनाथ सिंह ने कहा, ‘बहुत जल्द इसका विकल्प हमारे सामने होगा। इसके लिए जो समिति बनाई गई थी वे एक से दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंप देंगी।’ गृहमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि सुरक्षा बलों से भी जितना अधिक संभव हो उतना संयम बरतने के लिए कहा गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि घाटी में अशांति पैदा करने वालों की पहचान हो। उन्होंने हुर्रियत नेताओं से बातचीत के एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार कश्मीर के हर उस दल से बात करने को तैयार है जो कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत की तर्ज पर वार्ता करना चाहते हैं।

आठ जुलाई को हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की एक मुठभेड़ में मौत के बाद से कश्मीर में अशांति है। हिंसा की विभिन्न वारदातों में अब तक दो पुलिसकर्मियों समेत 66 लोगों की मौत हो चुकी है। कई हजार लोग घायल हुए हैं। राज्य के कई इलाकों में 48वें दिन भी कर्फ्यू जारी है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती की प्रेस वार्ता:

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