ताज़ा खबर
 

हिंसा की आग में जलते कश्मीर का नाम इन 12 युवाओं से है रोशन

खेल, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान और कला क्षेत्र में इन कश्मीरी युवाओं ने अच्छा काम किया है।

Author Published on: December 10, 2016 8:59 PM
Kashmiri, wall of fame, Jammu and Kashmir Bank 2017-calendar, Jammu and Kashmir Bank, 2017-calendarइन युवाओं ने कश्मीर का नाम रोशन किया है।

नया साल आने में एक महीने से भी कम समय बचा है, जम्मू-कश्मीर बैंक 2017 के कैलेंडर में शिक्षा, कला, साहित्य, विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य के ’12 युवा अचिवर्स’ को दिखाया जाएगा। बैंक ने पहले नाम मांगे थे, ऐसे में बैंक को अभी तक 250 नॉमिनेशन मिले हैं। जिन लोगों को कैलेंडर में शामिल किया जाएगा, उनके नामों की अभी तक आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। लेकिन कुछ नामों को लेकर चर्चा है। गौर करने वाली बात यह है कि कईयों का नाम दूसरे लोगों ने सुझाया है। इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की युवाओं पर आधारित वेबसाइट इनयूथ.कॉम को बैंक के सूत्रों ने बताया कि कैलेंडर में जिन चेहरों को शामिल किया जाएगा, उनका फैसला बाहर की कमेटी करेगी।

ये चेहरे हो सकते हैं कैलेंडर में शामिल

जुबैर किरमानी, फैशन डिजाइनर
30 साल से भी कम उम्र के जुबैर किरमानी पहले कश्मीरी मुस्लिम हैं, दो Boune Pun ब्रांड के साथ रैंप पर उतरे। इनके लिए फैशन डिजाइनर बनने की राह आसान नहीं थी। जुबैर पहले बेंगलूरु में इंजीनियरिंग कर रहे थे। किरमानी ने अपने माता-पिता और समाज को समझाने के लिए काफी कोशिश करनी पड़ी। वे इंजीनियरिंग छोड़कर अपने दिल का कुछ करना चाहते थे।

राहील खुर्शीद
जाने माने ऑनलाइन एक्टिविस्ट और पूर्व पत्रकार राहील खुर्शीद टि्वटर में न्यूज, पॉलिटिक्स और गवर्नमेंट सेक्शन को हेड करते हैं। 33 वर्षीय खुर्शीद टि्वटर के न्यूज, गवर्नमेंट और पॉलिटिकल यूजर्स को फ्रंट लाइन टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराते हैं।

सबा हाजी, शिक्षाविद्
सबा हाजी डोड़ा इलाके में हाजी पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर हैं। दुबई में पैदा हुई और पली बढ़ी सबा ने अपनी हायर एजुकेशन बेंगलूरु में की। साल 2008 में अपने पैतृक जगह चिनाब घाटी लौटने से पहले सबा ने करीब एक दशक तक बेंगलूरु में काम भी किया। वे स्कूल की स्थापना से ही इससे जुड़ी हुई हैं।

महवीश, प्रोग्रामर
पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर महवीश मुस्ताक एंड्रॉयड ऐप डवलप करने वाली पहली कश्मीरी लड़की बनी थीं। महवीश ने साल 2013 में डायल कश्मीर ऐप बनाया था। साल जनवरी 2016 में देवी अवार्ड से सम्मानित होने वाली 15 भारतीय महिलाओं में से एक थीं।

ताजमुल इस्लाम, किकबॉक्सिंग चैंपियन
आठ साल की इस्लाम ने इटली में वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में नवंबर महीने में इतिहास बनाया डाला। इस्लाम ने सब जूनियर कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। बांदीपोरा जिले की रहने वाली इस्लाम ऑलंपिक में गोल्ड मेडल लाना चाहती हैं और भारतीय सेना में डॉक्टर बनना चाहती हैं।

क्रिकेटर परवेज रसूल
1989 में पैदा हुए परवेज रसूल एक क्रिकेटर हैं, वे जम्मू-कश्मीर के लिए खेलते हैं। रसूल राज्य की टीम के कैप्टन हैं और भारत की टीम के लिए भी खेले हैं।

फुटबॉलर मेहराजुद्दीन वाडू
38 वर्षीय मेहराजुद्दीन वाडू मशहूर फुटबॉलर हैं। ये श्रीनगर के सराय बाला इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने इंडियन नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

आईएएस टॉपर डॉ. शाह फैसल
1983 में पैदा हुए डॉ, शाह फैसल एक आईएएस अधिकारी हैं। साल 2009 में वे आईएएस टॉप करने वाले पहले कश्मीरी बने।

बशरत पीर, लेखक और कहानीकार
39 वर्षीय बशरत पीर एक पत्रकार और कश्मीर के रहने वाले हैं। उन्होंने हालही में न्यूयार्क टाइम्स ज्वाइन किया है। वे फेमस बुक कर्फ्यूड नाइट बुक के लेखक भी हैं। उन्होंने बॉलीवुड मूवी हैदर की स्क्रिप्ट भी लिखी है।

खुर्रम, इंटरप्रेन्योर
अमेरिका के बिजनेस स्कूल से पासआउट खुर्रम मीर साउथ कश्मीर के रहने वाले हैं। उन्होंने विदेश में अपने अच्छा खासा करियर छोड़ा और कश्मीर वापस आ गए। उन्होंने यहां आकर के-एप्पल नाम से एक कंपनी शुरू की, जो कि सेवों को बागों को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने का काम करती है।

आरजे नासिर
सरदार नासिर अली खान उर्फ आरजे नासिर श्रीनगर के पहले आरजे हैं। बिग एफएम से जुड़े नासिर का नाम कश्मीर में हर कोई जानता है.

बीएसएफ एग्जाम टॉपर नबील अहमद
नबील अहमद वानी उधमपुर जिले के रहने वाले हैं। इन्होंने बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स के असिस्टेंट कमांडेंट एग्जाम 2016 टॉप किया था। वे पहले कश्मीरी हैं, जिन्होंने यह एग्जाम पास किया है।

-माजिद हैदरी, इनयूथ.कॉम

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 जम्मू कश्मीर दुनिया में सैलानियों के लिए सबसे सुरक्षित: महबूबा
2 J-K: आखिर खत्म हुआ तीन दिन चला एनकाउंटर, पर मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर पुलिस और आर्मी ‘कंफ्यूज’
3 महबूबा ने हुर्रियत संबंधी टिप्पणी को लेकर फारूक की निंदा की
ये पढ़ा क्या?
X