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कोर्ट ने सातों कश्मीरी अलगाववादी 10 दिन की हिरासत में भेजा

एक संयुक्त बयान में तीनों नेताओं ने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए लोगों से मंगलवार को पूरी तरह बंद रखने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में हड़ताल को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है।

Author नई दिल्ली/श्रीनगर | July 26, 2017 1:18 AM
हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूख, सैय्यद अली शाह गिलानी के साथ। (फाइल फोटो)

दिल्ली की एक अदालत ने आतंक वित्तपोषण के एक मामले में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद सहित सात कश्मीरी अलगाववादियों को मंगलवार को 10 दिन की एनआइए की हिरासत में भेज दिया। एजंसी ने अदालत से आरोपियों की हिरासत मांगी थी ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। वहीं इन नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को आयोजित हड़ताल को देखते हुए श्रीनगर के कई हिस्सों में प्रतिबंध लागू किए। हड़ताल पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। वहीं बांदीपुरा जिले में सोमवार रात सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच थोड़ी देर तक मुठभेड़ हुई। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।  जिला न्यायाधीश पूनम ए बाम्बा ने राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) के अनुरोध को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हिरासत में भेजने का आदेश पारित किया। एनआइए ने कश्मीर घाटी में आतंक और विध्वंसक क्रियाकलापों के कथित वित्तपोषण के मामले की जांच के संबंध में सोमवार को गिरफ्तार आरोपियों की 18 दिन की हिरासत मांगी थी।

एनआइए ने अदालत को बताया कि आरोपियों अल्ताफ अहमद शाह, अयाज अकबर, पीर सैफुल्लाह, शाहिद उल इस्लाम, मेहराजुद्दीन कालवाल, नईम खान और फारूक अहमद डार का सामना एक दूसरे से और अपराध से जुड़े साक्ष्यों से कराना है। जांच एजंसी ने अदालत से कहा कि उन्हें जांच के सिलसिले में कई स्थानों पर ले जाना है। आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता रजत कुमार ने हालांकि एजंसी के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि एनआइए इस मामले की एक महीने से जांच कर रही है। कट्टरपंथी अलगाववादी नेता गिलानी के दामाद शाह जम्मू कश्मीर पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस ने ईद के बाद उन्हें तत्काल ऐहतियाती हिरासत में ले लिया था। वहीं इन नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में अलगाववादी समूहों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को श्रीनगर के कई हिस्सों में प्रतिबंध लगा दिए। हड़ताल को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के पांच पुलिस थानाक्षेत्रों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नौहट्टा, एमआर गंज, रैनावारी, खानयार और सफाकदाल पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लागू की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलगाववादियों की हड़ताल को देखते हुए किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियाती तौर पर पाबंदियां लागू की गईं।

अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने सात अलगाववादियों की गिरफ्तारी के खिलाफ हड़ताल की घोषणा की थी। एक संयुक्त बयान में तीनों नेताओं ने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए लोगों से मंगलवार को पूरी तरह बंद रखने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में हड़ताल को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। श्रीनगर के कुछ इलाकों में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे जबकि अन्य इलाकों में बंद रहे। उन्होंने कहा कि शहर के कुछ इलाकों में सड़कों पर सार्वजनिक वाहन दौड़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों से भी ऐसी ही रिपोर्टें मिली हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मार्गों पर अंतर जिला वाहन भी दौड़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्यालयों और बैंकों में कामकाज सामान्य है। हड़ताल के कारण निजी शैक्षिक संस्थान बंद हैं।

वहीं बांदीपुरा जिले में सोमवार रात सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच थोड़ी देर तक मुठभेड़ हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सेना और पुलिस के एक संयुक्त दल ने नियमित जांच के दौरान सोमवार देर रात बांदीपुरा में एक टैक्सी को रुकने का संकेत दिया। उन्होंने बताया कि वाहन के चालक ने संकेत को अनदेखा कर दिया और कुछ दूर जाकर वाहन को रोक दिया। अधिकारी ने कहा, ‘आतंकवादी वाहन से उतरे और उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस पर जवानों ने जवाबी गोलीबारी की। आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठा कर फरार हो गए। जिस वाहन में वो सवार थे उसे वहीं छोड़ गए।’ उन्होंने बताया कि वाहन को जब्त कर लिया गया। गाड़ी की तलाशी में उसमें से एक हथगोला और कुछ खाली कारतूस मिले।

 

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