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शुक्रवार की नमाज़ के पहले कश्मीर में कर्फ्यू, प्रतिबंध

जुलाई में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसक संघर्षों में 84 लोग मारे गए और कई हजार अन्य लोग घायल हो गए।
Author श्रीनगर | October 21, 2016 16:23 pm
श्रीनगर में लगातार कर्फ्यू के चलते बंद पड़े बाज़ार से गुजरती एक कश्मीरी महिला। (AP Photo/Mukhtar Khan/11 Sep, 2016)

शुक्रवार की नमाज से पहले एहतियाती उपाय के तहत शहर के छह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू और कश्मीर के शेष हिस्सों में शुक्रवार (21 अक्टूबर) को प्रतिबंध लगाया गया है जिसके कारण 100 से अधिक दिनों से जारी अशांति के बाद घाटी में इस सप्ताह समान्य हो रहा जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन स्थानों पर इससे पहले शुक्रवार की नमाज के बाद कई बार हिंसक प्रदर्शन हुए हैं इसे देखते हुए ही प्रतिबंध लगाया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘एहतियाती उपाय के रूप में शहर के नौहट्टा, खानयार, रैनवारी, बटमालू, सफाकदल और महराजगंज थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।’

अधिकारी ने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटी के शेष हिस्सों में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों द्वारा लगाए गये प्रतिबंधों के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और पूरी घाटी की सड़कें एवं गलियां सुनसान हैं। कश्मीर और शहर के सिविल लाइन्स इलाके की मुख्य सड़कों पर इस सप्ताह यातायात में बढ़ोतरी देखने को मिली थी और लोगों ने अलगाववादियों के बंद के आह्वान को धता बता दिया था। अधिकारी ने बताया कि शांति और व्यवस्था कायम रखने के लिए अतिसंवेदनशील स्थानों और मुख्य सड़कों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। घाटी में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं।

कश्मीर में जारी अशांति से स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक प्रतिष्ठानों के लगातार बंद रहने के कारण शिक्षा प्रभावित हुई है। इस साल जुलाई में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसक संघर्षों में 84 लोग मारे गए और कई हजार अन्य लोग घायल हो गए। सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत अब तक 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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