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कश्मीर अशांति: श्रीनगर में जारी है कर्फ्यू, घाटी में 45वें जनजीवन प्रभावित

नौ जुलाई को शुरू हुए संघर्षों में दो पुलिसकर्मी सहित 65 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हैं।

Author श्रीनगर | August 22, 2016 1:15 PM
कश्‍मीर घाटी में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से तनाव है। (Photo Source: PTI)

श्रीनगर में सोमवर (22 अगस्त) भी कर्फ्यू जारी है। यहां पर आंसूगैस के एक गोले की चपेट में आकर रविवार (21 अगस्त) को एक किशोर की मौत हो गई थी। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा के चलते लागू किए गए प्रतिबंधों और हड़ताल के कारण घाटी में सोमवार को 45 वें दिन भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। पूरे श्रीनगर जिले के साथ अनंतनाग शहर में भी कर्फ्यू जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के खानसाहिब शहर में भी एहतियाती तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने बताया कि हालात में सुधार को देखते हुए पंपोर से कर्फ्यू हटा लिया गया है। हालांकि, अधिकारी ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत शहर समेत घाटी में जहां भी कर्फ्यू नहीं है, उन स्थानों पर चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी है। उन्होंने बताया कि ऐसा कानून और व्यवस्था को कायम रखने के लिए किया गया है।

शहर के प्रमुख इलाके में आंसू गैस का गोले लगने से रविवार को इरफान वानी नाम के एक युवक की मौत हो गयी थी। अधिकारी ने बताया कि यहां की ग्रीष्मकालीन राजधानी के मध्य में स्थित लाल चौक के इर्द-गिर्द 14 अगस्त को लागू किए गए प्रतिबंधों में सोमवार को ढील दी गयी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास कर्फ्यू पास है केवल उन्हीं को लाल चौक के इर्द-गिर्द जाने की इजाजत है। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के खिलाफ घाटी में प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। इन प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों की मौत के विरोध में आंदोलन की अगुवाई कर रहे अलगाववादियों ने सोमवार को लोगों से तहसील मुख्यालयों की ओर रैली निकालने का आह्वान किया। नौ जुलाई को शुरू हुए संघर्षों में दो पुलिसकर्मी सहित 65 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हैं।

इस बीच कर्फ्यू, प्रतिबंधों और अलगाववादियों के बंद के आह्वान के कारण घाटी में लगातार 45 वें दिन जनजीवन प्रभावित हुआ है। दुकानें, निजी कार्यालय, शिक्षण संस्थान और पेट्रोल पंप बंद रहे जबकि सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नहीं उतरे। सरकारी कार्यालयों और बैंकों में भी उपस्थिति कम रही। पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा लगातार निलंबित है। यहां पर प्रीपेड मोबाइल पर आउटगोइंग सुविधा बंद है। सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक, और मोहम्मद यासिन मलिक की अगुवाई वाली अलगाववादी गुट ने आंदोलन को 25 अगस्त तक बढ़ा दिया है।

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