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कश्मीर के और इलाकों में लगाया गया कर्फ्यू, मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक

कश्मीर में हुई हालिया हिंसा में 51 लोग मारे गए और 5500 लोग घायल हुए हैं।

Author श्रीनगर | August 5, 2016 14:38 pm
श्रीनगर की जामा मस्जिद के बाहर खड़ा CRPF का वाहन। शुक्रवार (29 जुलाई) को लिया गया फोटो। (Source: Express photo by Shuaib Masoodi)

यहां हजरतबल दरगाह तक अलगाववादियों के प्रस्तावित मार्च को रोकने के लिए कश्मीर के कुछ और इलाकों में शुक्रवार (5 अगस्त) को कर्फ्यू लगा दिया गया। घाटी में लगातार 28वें दिन जनजीवन अस्त व्यस्त बना हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हजरतबल की ओर मार्च के कुछ तत्वों के आह्वान के मद्देनजर पूरे श्रीनगर जिले में कर्फ्यू लागू किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘गंदेरबल, बडगाम, अनंतनाग कस्बे, अवंतिपुरा, कुलगाम कस्बे, सोपोर छोड़कर बारामूला जिले, शोपियां कस्बे, बांदीपुरा के कालूसा और हंदवाड़ा के इलाकों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है।’ उन्होंने बताया कि शेष घाटी में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर एहतियातन रोक लगाई गई है ताकि कानून व्यवस्था कायम रखी जा सके।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के आठ जुलाई को मुठभेड़ में मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच हुए संघर्षों में आम नागरिकों की मौत के खिलाफ अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद और प्राधिकारियों द्वारा लागू प्रतिबंधों के कारण घाटी में लगातार 28वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा।

अधिकारी ने बताया कि स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, पेट्रेल पंप, बैंक एवं निजी कार्यालय बंद रहे और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे। सरकारी दफ्तरों में भी बहुत कम उपस्थिति दर्ज की गई। अलगाववादियों की ओर से विरोध कार्यक्रम में ढील की घोषणा के बाद पिछले दो दिन सूर्यास्त के बाद कई दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले और लोग जरूरी सामान खरीदते नजर आए। पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। यहां प्रीपेड कनेक्शनों से फोन करने की सुविधा भी बाधित कर दी गई है।

अलगाववादियों ने कश्मीर में बंद लागू रहने की अवधि 12 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यधारा के राजनेता अपने दलों एवं पदों से इस्तीफा दें। उन्होंने यहां सचिवालय एवं जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों तक जाने वाले सभी मार्गों को बाधित किए जाने की अपील की है ताकि ‘यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई कर्मी काम पर नहीं जा पाए।’ कश्मीर में हुई हालिया हिंसा में 51 लोग मारे गए और 5500 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने ‘गुंडों एवं बदमाशों’ को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर एक अभियान शुरू किया है और घाटी के करीब 500 युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

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