Kashmir Many Parts Under Curfew Ahead separatist rally - Jansatta
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कश्मीर हिंसा: पुलवामा में एक की मौत, घाटी के अनेक इलाकों में कर्फ्यू

सुरक्षाबलों के साथ एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के एक दिन बाद नौ जुलाई से शुरु हुए संघर्ष में अब तक दो पुलिसकर्मियों समेत कुल 67 लोगों की मौत हो चुकी है।

Author श्रीनगर | August 26, 2016 10:11 PM
श्रीनगर में प्रदर्शन के दौरान चेहरे पर नकाब पहने एक कश्मीरी युवक पाकिस्तान का झंडे दिखाता हुआ। (AP Photo/Mukhtar Khan/File)

कश्मीर के पुलवामा जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच ताजा संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इससे घाटी में जारी हिंसक प्रदर्शन में मरने वालों की कुल संख्या 67 पहुंच गई है। अलगाववादियों द्वारा मार्च निकालने की योजना विफल करने के लिए घाटी कई हिस्सों में पहले से ही कर्फ्यू लागू है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘18 वर्षीय शकील अहमद गनई को पुलवामा के जिला अस्पताल में लाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके सीने में छर्रे लगने से घाव थे।’ उन्होंने कहा कि शुक्रवार (26 अगस्त) दोपहर जिले के राजपुरा इलाके में निकास अरबल में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में गनई और कई अन्य व्यक्ति घायल हुए। इस युवक की मृत्यु के साथ ही घाटी में 49 दिनों से जारी अशांति में मरने वालों की संख्या 67 पहुंच गई है।

इस बीच, अलगाववादियों द्वारा शहर के पुराने इलाके में ईदगाह तक मार्च निकालने की योजना विफल करने के लिए कश्मीर के कई इलाकों में शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया जिसमें संपूर्ण श्रीनगर जिला, पुलवामा जिला और दक्षिण कश्मीर के शोपिया व अनंतनाग के कस्बे शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला, पट्टन और हंदवाड़ा कस्बों में भी कर्फ्यू लगाए गए हैं, जबकि घाटी के बाकी हिस्सों में लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। कर्फ्यू, पाबंदी और अलगाववादियों द्वारा प्रायोजित हड़ताल के चलते लगातार 49वें दिन जनजीवन अस्त व्यस्त रहा।

उन्होंने कहा कि दुकानें, निजी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन भी ठप रहा। सरकारी कार्यालयों और बैंकों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। संपूर्ण घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवायें भी निलंबित रही, जबकि प्रीपेड मोबाइलों पर आउटगोइंग सुविधा प्रतिबंधित रही। अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख ने ईदगाह तक मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही वे अपने घरों से निकले, दोनों को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया। नरमपंथी हुर्रियत कान्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज ने अपने समर्थकों के साथ अपने आवास निगीन से मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें चश्मा शाही गेस्ट हाउस ले जाया गया। इसी तरह, कट्टरपंथी हुर्रियत कान्फ्रेंस के चेयरमैन गिलानी को भी हिरासत में ले लिया गया।

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