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कश्मीर से कर्फ्यू/प्रतिबंध हटा, कुलगाम में पुलिसकर्मियों की राइफलें लेकर भागे आतंकी

जुलाई में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति व्याप्त है।

Author श्रीनगर | September 8, 2016 4:01 PM
कश्‍मीर में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से प्रदर्शन चल रहा है। (Photo: AP)

कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक राजनीतिक नेता के घर में सुरक्षा चौकी पर हमला कर दिया और पुलिसकर्मियों की राइफलें लेकर फरार हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार (8 सितंबर) को बताया कि बुधवार देर रात कुलगाम के बेगम में नेशनल कांफ्रेंस से पूर्व में जुड़े रहे अब्दुल राशिद खानडे के आवासीय परिसर में उग्रवादी घुस आए और इस नेता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की चार सर्विस राइफलें लेकर चंपत हो गए। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि खानडे नेशनल कांफ्रेंस के प्रखंड प्रमुख है लेकिन राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि उनका 2002 में पार्टी से संबंध समाप्त हो गया था।

नेकां के प्रवक्ता जुनैद अजीम मटू ने बताया, ‘कुलगाम में पार्टी के जिला अध्यक्ष ने खानडे के नेशनल कांफ्रेंस से संबद्ध नहीं होने को लेकर औपचारिक तौर पर पुलिस को मामले की जानकारी दे दी है।’ उन्होंने बताया कि आतंकवादी पुलिसकर्मियों की दो इनसास राइफलें, एक एसएलआर राइफल और एक 303 राइफल लेकर फरार हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि घटना की विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। घटना को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को पकड़ने के लिए दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बीच, आतंकवादियों ने बुधवार (7 सितंबर) रात पुलवामा थाने पर कुछ चक्र गोलियां भी चलाई थी लेकिन इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ।

कश्मीर में लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध हटा:

कश्मीर घाटी में लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध हटा लिया गया हालांकि अलगाववादियों की ओर से आहूत हड़ताल के कारण गुरुवार (8 सितंबर) को लगातार 62वें दिन आम जनजीवन प्रभावित रहा। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि घाटी में गुरुवार को कहीं भी कर्फ्यू या प्रतिबंध नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। जुलाई में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति व्याप्त है।

दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप गुरुवार को भी दिन में बंद रहे। अलगाववादियों की कुछ दिनों के लिए हड़ताल में कुछ घंटों की ढील की घोषणा के बाद श्रीनगर में बाजार और अन्य स्थल खुलें। बंद अभियान का नेतृत्व कर रहे अलगाववादियों ने इसे 16 सितंबर तक बढ़ा दिया है। स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को भी बंद रहे, जबकि सरकारी कार्यालयों और बैंकों में कर्मचारियों की उपस्थिति में काफी सुधार देखने को मिला।

व्यवसायिक केंद्र लाल चौक पर गुरुवार सुबह विभिन्न बैंकों के बाहर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली। सार्वजनिक वाहन अब भी सड़कों से नदारद रहे, लेकिन निजी कारें और ऑटो रिक्शा की सड़कों पर आवाजाही अधिक दिखी विशेषकर सिविल लाइन क्षेत्र पर।

दक्षिण कश्मीर में आठ जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में वानी के मारे जाने के बाद फैली हिंसा में अबतक 73 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। इसी बीच सीआरपीएफ ने कहा कि कश्मीर घाटी में पिछले 24 घंटे में पथराव में उसके कम से कम 17 कर्मी घायल हुए हैं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस अर्धसैनिक बल को घाटी में जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ कानून व्यवस्था की ड्यूटी पर लगाया गया है।

बल ने ट्वीट किया, ‘पिछले 24 घंटे में कश्मीर घाटी में सीआरपीएफ पर पथराव की 21 घटनाओं में 17 कर्मी घायल हो गए और 11 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।’ हाल ही में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 25 नई कंपनियों को शामिल करने के साथ ही घाटी में अपने कर्मियों की संख्या बढ़ा दी

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