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‘पिछले 36 घंटे में घुसपैठ की 3 कोशिशें की गई नाकाम, पाक रेंजर्स आतंकियों को दे रहे कवर फायर’

कठुआ के हीरानगर सेक्टर में शनिवार (29 अक्टूबर) और रविवार (30 अक्टूबर) को पाकिस्तानी रेंजर्स की भारी सीमापार गोलीबारी एवं गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ की कोशिशें की गयीं।
Author जम्मू | October 31, 2016 20:35 pm
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) (पीटीआई फोटो)

जम्मू कश्मीर के हीरानगर सेक्टर में अंतराष्ट्रीय सीमापर पिछले 36 घंटे के दौरान हथियारों से लैस आतंकवादियों की घुसपैठ करने की तीन कोशिशें विफल कर दी गयी। इन आतंकवादियों को पाकिस्तानी सुरक्षाबल कवर फायरिंग के माध्यम से मदद पहुंचा रहे थे। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बताया कि पिछले 12 दिनों में जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की छह कोशिशें हुई हैं। पाकिस्तान अशांति पैदा करने और आतंरिक इलाकों में सुरक्षाबलों को हताहत करने के नापाक इरादे से हथियारों से लैस आतंकवादियों को भारत में भेजने की निरंतर कोशिश कर रहा है। बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक धमेंद्र परीक ने यहां कहा, ‘आतंकवादियों के दलों ने घुसपैठ की तीन कोशिशें की लेकिन चौकस बीएसएफ कर्मियों ने अपनी जान दांव पर लगाकर उनकी कोशिशें विफल कर दी।’ उन्होंने बताया कि कठुआ के हीरानगर सेक्टर में शनिवार (29 अक्टूबर) और रविवार (30 अक्टूबर) को पाकिस्तानी रेंजर्स की भारी सीमापार गोलीबारी एवं गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ की कोशिशें की गयीं।

उन्होंने बताया कि 29 अक्तूबर को हीरानगर सेक्टर से हथियारों से लैस तीन आतंकवादियों के दल ने घुसपैठ की कोशिश की और पाकिस्तानी रेंजर्स से उसे कवर फायरिंग प्रदान की। लेकिन चौकस बीएसएफ कर्मियों ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई से उन्हें पीछे हटने के लिए बाध्य कर दिया। परीक ने कहा, ‘30 अक्तूबर की आधीरात को एक बार फिर हीरानगर के दूसरे सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमापर चौकस कर्मियों को फिर हथियारों से लैस तीन आतंकवादी नजर आए जो डेड ग्राउंड (जिसे गोलीबारी या गोलाबारी से निशाना नहीं बनाया जा सके) का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पहुंच गए।’ उन्होंने कहा, ‘उन पर नजर रखी गयी। बीएसएफ की प्रभावी गोलीबारी के बाद इन आतंकवादियों को डेड ग्राउंड में शरण ले ली जहां घने जंगल हैं।’ उन्होंने बताया कि बाद में भी बीएसएफ कर्मियों ने इलाके पर नजर बनाए रखी और इन आतंकवादियों की कोशिशें परवान नहीं चढ़ने दी।

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