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कश्मीरी युवक को जीप पर बांधने वाले मेजर गोगोई का सेना ने क‍िया सम्‍मान, पर राज्‍य सरकार कराएगी जांच

9 अप्रैल को श्रीनगर लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव के दौरान सेना के मेजर लितुल गोगोई ने एक कश्मीरी युवक को जीप पर बांध दिया था।

सेना की जीप पर बंधे इस युवक की तस्वीर वायरल हो गई थी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी मुनीर खान ने आज (23 मई को) साफ किया कि सेना की जीप पर कश्मीरी युवक को बांधने के मामले में हर हाल में जांच पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जब एक बार प्राथमिकी दर्ज हो गई तो उस मामले में जांच होने के बाद ही उसे बंद किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक एफआईआर को रद्द नहीं किया गया है और मामले में जो भी जांच परिणाम आएगा, उसे मीडिया से साझा किया जाएगा। श्रीनगर से 52 किलोमीटर दूर सोपोर में उन्होंने कहा, “अगर एक बार एफआईआर दर्ज हो गई तो जांच पूरी होगी। एफआईआर का मतलब जांच शुरू होना होता है।” उन्होंने कहा, “जांच में क्या निकलकर आता है, यह दूसरा तथ्य है लेकिन जांच पूरी होगी कि क्या सही है और क्या गलत?”

पिछले दिनों 9 अप्रैल को श्रीनगर लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव के दौरान सेना के मेजर लितुल गोगोई ने एक कश्मीरी युवक को जीप पर बांध दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दिखाई दे रहा था कि फारुक अहमद डार नाम के युवक को सेना के मजर ने जीप पर बांध रखा है ताकि पत्थरबाज सेना की गाड़ी पर पत्थर न मार सकें। इस घटना के सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

इसबीच कश्मीरी शख्स को जीप में बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई को सोमवार को सेना की ओर से सम्मानित किया गया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद मट्टू ने कहा कि सेना ने कोर्ट के फैसले की भी इंतजार नहीं किया बल्कि एक ऐसे व्यक्ति को सम्मानित किया जिसने किसी को “मानव ढाल” बनाने जैसा विचित्र काम किया। क्या सभ्य समाज में ऐसा संभंव है। अधिकारी को सेना ने अपनी जांच में पहले ही क्लीनचिट दे दी थी।

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