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J&K के पुलिसवालों की लिस्ट तैयार कर रहे आतंकी! संघर्ष विराम खत्म करने पर राजनाथ बोले- कल बोलूंगा

भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद चैनल ने इस खुलासे का दावा किया है। पाकिस्तानी एजेंसियों को लगता है कि कश्मीर पुलिस के कर्मियों पर हमला करने से सेना और सुरक्षाबलों को मिलने वाला स्थानीय मुखबिरों का सपोर्ट खत्म हो जाएगा।

शोपियां में सुरक्षा बलों पर पत्‍थरबाजी करते युवा। (Photo: PTI)

पाकिस्तान की एक और कायराना हरकत का खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अब जम्मू और कश्मीर पुलिस के सिपाहियों को निशाना बनाने की साजिश रच रही हैं। इस संबंध में टीवी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ ने खुलासा करने का दावा किया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद चैनल ने इस खुलासे का दावा किया है। पाकिस्तानी एजेंसियों को लगता है कि कश्मीर पुलिस के कर्मियों पर हमला करने से सेना और सुरक्षाबलों को मिलने वाला स्थानीय मुखबिरों का सपोर्ट खत्म हो जाएगा।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना ने आॅपरेशन क्लीन स्वीप चला रखा था। इस आॅपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी सहयोग किया था। आर्मी और पुलिस के लोकल इंटेलिजेंस का ये कमाल था कि आतंकी एक-एक करके ढेर होते चले गए। यहां तक कि जिस भी आतंकी ने वीडियो जारी करके सेना को धमकाने और आतंकियों का हीरो बनने की कोशिश की। कुछ ही दिनों में मारा गया। आतंकियों ने इसी गठजोड़ और नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने के लिए ये साजिश रची है। आतंकियों का मंसूबा त्राल और अनंतनाग के इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों का खासतौर पर निशाना बनाने का है।

बता दें कि आतंकियों का मनोबल बीते एक महीने में और बढ़ गया। कारण सिर्फ यही रहा कि रमजान के महीने के कारण सरकार ने जम्मू और कश्मीर में एकतरफा संघर्षविराम का ऐलान किया था। लेकिन संघर्षविराम के बीच में ही लगातार पत्थरबाजी और सुरक्षाबलों पर हमले की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला। रमजान का महीना खत्म होने के बाद संघर्ष विराम हटाने के सवाल पर शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया। इस सवाल का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा,”मैं इस बारे में कल बात करूंगा।” माना जा रहा है कि भारत सरकार संघर्ष विराम खत्म होने के बाद आतंकियों के खिलाफ जोरदार मुहिम छेड़ने की तैयारी में है।

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