ताज़ा खबर
 

कश्मीर: महाशिवरात्रि पर शिवमंदिर में मुसलमानों ने की पूजा, कश्मीरी पंडितों से कहा- वापस आ जाओ अगले साल साथ मनाएंगे शिवरात्रि

शिवरात्रि के दौरान इस मंदिर के दर पर कई कश्मीरी मुस्लिम पहुंचे, उन्होंने अपने साथ एक-एक तख़्ती ली हुई थी, इसमें लिखा था 'हमने हिंसा का दौर बहुंत देखा', 'आइए अगली शिवरात्रि को हम मिलजुल कर मनाएं'

Kashmiri pandit Maha Shivaratri, return muslim temple, terror बेंगलुरु में महाशिवरात्रि के मौके पर कोटिलिंगेश्वरा मंदिर में पूजा करती एक मुस्लिम महिला (SOURCE-PTI)

कश्मीर के बांदीपुरा का शिवमंदिर इस बार महाशिवरात्रि के दौरान अनोखे भक्तों का गवाह बना। आतंकवाद और हिंसा की दंश झेल रहे इस मंदिर में शिवरात्रि को भोले की पूजा करने कई मुस्लिम भक्त आए। शिव के इन ख़ास भक्तों ने पहले पूरे मंदिर परिसर की सफाई की, इसकी साज-सज्जा की। इसके बाद पूरे विधि-विधान से भगवान महादेव को जल अर्पित किया। बांदीपुरा के स्थानीय मुसलमानों ने शंकर भगवान को मिठाइयां और फल भी चढ़ाए। कभी ये मंदिर देश के दूसरे शिवालयों की तरह ही गुलजार रहता था।  तब कश्मीर में अमन और चैन का दौर था। मंदिर में शंख की ध्वनि बजती, मंत्रोच्चारण होते, महादेव को बिल्व और पुष्प चढ़ाये जाते थे। कश्मीरी पंडित मंदिर में पूजा करते और इसकी देखरेख करते। लेकिन जब कश्मीर में आतंकवाद के नाग ने अपना फन उठाया, धीरे-धीरे यहां की फिजा में नफरत घुलती गई और कश्मीरी पंडितों को अपना घर-बार छोड़कर घाटी से भागना पड़ा। इसके साथ ही इस मंदिर की रौनक भी जाती रही।

लेकिन एक बार फिर से बदलाव की बयार यहां बही है। इस शिवरात्रि के दौरान इस मंदिर के दर पर कई कश्मीरी मुस्लिम पहुंचे, उन्होंने अपने साथ एक-एक तख़्ती ली हुई थी, इसमें लिखा था ‘हमने हिंसा का दौर बहुंत देखा’, ‘आइए अगली शिवरात्रि को हम मिलजुल कर मनाएं’

एनडीटीवी के मुताबिक एक कश्मीरी मुसलमान ने कहा कि कश्मीरी पंडित हमारे शरीर और रुह का हिस्सा हैं। लेकिन कुछ तत्वों ने उन्हें इससे अलग कर दिया है।  कश्मीरी मुसलमानों ने कहा कि आज हम अपने कश्मीरी पंडित भाइयों को ये संदेश देना चाहते हैं कि, ‘ अब आप लोग लौट आएं, हम आपके साथ हैं’।

बांदीपुरा के कश्मीरी मुसलमानों की इस कोशिश को काफी सराहना मिली है। और इसे कश्मीरी पंडितों का दिल जीतने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आपको बता दें कि कश्मीर में आतंकवाद का दौर शुरू होने के बाद कश्मीरी पंडित घाटी छोड़ कर देश के अलग अलग हिस्सों में जा बसे। इनमें से कुछ दिल्ली, कुछ मुंबई तो कुछ मध्यप्रदेश को अपना ठिकाना बनाया। इस कश्मीरी पंडितों को वापस बसाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

देखें वीडियो

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 गृह मंत्रालय ने भेजी एनएसए को रिपोर्ट- कश्मीर में हालात सही करने के लिए मस्जिद, मदरसा और मीडिया पर रखना होगा नियंत्रण
2 कश्मीर: 2017 के 53 दिनों में 23 आतंकी हुए ढेर, पिछले दो सालों से दोगुना है यह आंकड़ा
3 जम्मू-कश्मीर: मेजर सतीश के शहीद होने के कुछ घंटे बाद पत्नी को मिला उनका भेजा हुआ सालगिराह का तोहफा
यह पढ़ा क्या?
X