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कश्‍मीर: जनाजा निकलते वक्‍त भी फायरिंग कर रहे थे पाकिस्‍तानी, मस्जिद के लाउडस्‍पीकर से की गई अपील

सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद से अब तक फायरिंग और शेलिंग के 300 से ज्‍यादा वाकये हो चुके हैं।

नूरकोट में तनवीर का जनाजा लेकर जाते ग्रामीण। (Source: PTI)

जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ इलाके में पाकिस्‍तानी सेना द्वारा सीमापार से फायरिंग पिछले कुछ महीनों में बढ़ गई है। इस गोलीबारी में दोनों तरफ के कई नागरिक और सैनिक मारे गए हैं। 2016 के आखिरी शुक्रवार (30 दिसंबर) को सीमा की बाड़ पर एक जनाजा निकला। सोलह साल के तनवीर की शुक्रवार को ही पाकिस्‍तान की तरफ से हुई गोलीबारी में जान चली गई। उसके परिवार ने नियंत्रण रेखा पर स्थित नूरकोट गांव की अपनी जमीन पर दफनाने का फैसला किया। लेकिन सीमापार से हो रही गोलीबारी के चलते, वे ऐसा नहीं कर सके। इसके बाद एक स्‍थानीय मस्जिद में लगे लाउडस्‍पीकर के जरिए फायरिंग रोकने की अपील की गई। विधानपरिषद सदस्‍य जहांगीर मीर के मुताबिक, मस्जिद ने अपने लाउडस्‍पीकर पर घोषणा की, ”आपने फायरिंग में एक शख्‍स की जान ले ली है। गोलीबारी बंद कर दीजिए। हम जनाजे को दफनाना चाहते हैं।” नियंत्रण रेखा पर स्थित गांवों में लगातार हो रही गोलीबारी से दहशत का माहौल है।

सीमा के करीब मौजूद गांवों के निवासियों ने सुरक्षित स्‍थानों की तरफ जाना शुरू कर दिया है। भारतीय सेना द्वारा माछिल सेक्‍टर में जवाबी कार्रवाई में तीन पाकिस्‍तानी जवानों को मार गिराने के तीन सप्‍ताह बाद यह संघर्षविराम उल्‍लंघन किया गया है। सीमा के नजदीक गांव में रहने वाले सुनील कुमार ने कहा, ”लोग काफी डरे हुए हैं। एक जगह पर दो से तीन बम गिरते हैं, वे बड़े एरिया को निशाना बनाते हैं ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों की जान ले सकें।

पिछले दो दिनों में, पाकिस्‍तान ने बिना उकसाए दो बार युद्धविराम तोड़ा है। रविवार को पुलिस ने कहा कि पाकिस्‍तान ने बिना उकसाए शेलिंग की और तीन भारतीय पोस्‍ट्स पर गोलीबारी करते रहे। पुलिस अधिकारी ने कहा, ”भारतीय सेना ने उसी श्रेणी के हथियारों का प्रयोग करते हुए जवाब दिया” शेलिंग और फायरिंग सुबह साढ़े नौ बजे के लगभग शुरू हुई थी।

भारत और पाकिस्‍तान के बीच 2003 में हुआ संघर्ष-विराम समझौता अपनी महत्‍ता खो चुका है। नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा पर 28-29 सितंबर को आतंकी लॉन्‍च पैड्स पर सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद से अब तक फायरिंग और शेलिंग के 300 से ज्‍यादा वाकये हो चुके हैं। इनमें 27 लोगों की जान गई, जिसमें सुरक्षा बलों के 14 जवान भी शामिल हैं।

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