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जम्‍मू-कश्‍मीर: व्‍हाट्सएप एडमिंस का डीएम ऑफिस में रजिस्‍ट्रेशन जरूरी, वर्ना लगेगा UAPA

व्‍हाट्सएप एडमिंस को ग्रुप के सभी सदस्‍यों (विदेश में रहने वालों समेत) की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा व्‍हाट्सएप ग्रुप में शेयर किए गए किसी भी कंटेंट को लेकर अधिकारियों द्वारा बुलाए जाने पर उन्‍हें उपस्थित होना पड़ेगा।

Author Updated: July 1, 2018 12:38 PM
कश्‍मीर में तैनात भारतीय सेना के जवान। (Photo : Express Archive)

किश्‍तवाड़ के जिलाधिकारी अंग्रेज सिंह राणा ने सभी व्‍हाट्सएप ग्रुप एडमिंस को उनके कार्यालय में 10 दिन के भीतर रजिस्‍ट्रेशन कराने को कहा है। राणा ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया तो एडमिंस पर इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी (आईटी) एक्‍ट, रणबीर पीनल कोड, साइबर क्राइम कानून, अन्‍य कानून के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश किश्‍तवाड़ एसएसपी अबरार चौधरी की रिपोर्ट के बाद दिया गया है। अपनी रिपोर्ट में चौधरी ने कहा था कि व्हाट्सएप ग्रुप ”अफवाहें, गलत सूचनाएं और अपुष्‍ट या अधपकी जानकारी फैला” रहे हैं।

डीएम के आदेश में कहा गया है, ”सोशल मीडिया के जरिए अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता महत्‍वपूर्ण हैं, मगर इसके साथ जिम्‍मेदारी और कुछ बंधन भी होते हैं। इसलिए, सोशल मीडिया समूहों के एडमिंस को वह जिम्‍मेदारी उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए। राणा ने द संडे एक्‍सप्रेस को बताया कि किश्‍तवाड़ एक ‘संवेदनशील इलाका’ है और व्‍हाट्सएप पर अफवाहों तथा आपत्तिजनक कंटेंट फैलने से कई समुदायों के बीच तनाव हो रहा था।

व्‍हाट्सएप एडमिंस को ग्रुप के सभी सदस्‍यों (विदेश में रहने वालों समेत) की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा व्‍हाट्सएप ग्रुप में शेयर किए गए किसी भी कंटेंट को लेकर अधिकारियों द्वारा बुलाए जाने पर उन्‍हें उपस्थित होना पड़ेगा। आदेश में यह भी कहा गया कि किसी भी आपत्तिजनक पोस्‍ट की जानकारी एडमिंस अपने नजदीकी पुलिस थाने में दें।

राणा ने इसे व्‍हाट्सएप पर आपत्तिजनक कंटेंट डालने वालों के लिए ‘चेतावनी’ बताया। उन्‍होंने कहा, ”यह आदेश अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता पर रोक लगाने जैसा नहीं है। यह एडमिंस और ग्रुप सदस्‍यों को एक तरह की चेतावनी है कि वह कुछ भी भेजते समय सावधान रहें।” एसएसपी चौधरी ने कहा कि उन्‍होंने नोटिस किया कि ”आतंकियों के बंदूक थामे तस्‍वीरें और भारत विरोधी प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हो रहे थे।”

डीएम के आदेश में कहा गया है कि एडमिंस ”हर आपत्तिजनक/गैरकानूनी/अपमानजनक/बदनीयती/भड़काऊ/सूचना/वीडियो/ऑडियो के स्‍क्रीनशॉट्स/सबूत रखें।” एडमिंस को यह लिखकर देना होगा कि ”अगर किसी कानून को तोड़ने के दोषी पाए जाते हैं तो उनका ग्रुप/पेज बंद कर दिया जाएगा और उन्‍हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।”

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