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कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती बोलीं- नहीं दिया गया बुरहान वानी के परिजनों को कोई मुआवजा

महबूबा ने कहा कि राज्य सरकार ने जनवरी, 2015 से इस राज्य में शहीद हुए सेना और केन्द्रीय सशस्त्र बल के 77 जवानों के लाभार्थियों को 1.66 करोड़ रुपए अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई।

Mehbooba Mufti news, Mehbooba Mufti latest news, Kashmir Article 370जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (Photo Source: PTI/File)

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी या उसके भाई खालिद मुजफ्फर वानी के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने खुलासा किया कि जनवरी, 2015 से इस राज्य में शहीद हुए 77 जवानों के परिजनों को इस तरह की अनुग्रह राशि दी गई है। राज्य विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में महबूबा ने कहा, ‘खालिद मुजफ्फर वानी और बुरहान वानी के करीबी रिश्तेदार को कोई अनुग्रह राशि या मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया गया है।’ राज्य में गृह मामलों का प्रभार भी महबूबा के पास है।

कुछ महीने पहले, राज्य के अधिकारियों द्वारा मुजफ्फर वानी को अनुग्रह राशि के संभावित लाभार्थी के तौर पर सूचीबद्ध किए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जबकि मुजफ्फर को उसके भाई बुरहान से मिलकर वापस लौटते समय सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया था। बाद में एक मुठभेड़ में बुरहान भी मारा गया। महबूबा ने कहा कि राज्य सरकार ने जनवरी, 2015 से इस राज्य में शहीद हुए सेना और केन्द्रीय सशस्त्र बल के 77 जवानों के लाभार्थियों को 1.66 करोड़ रुपए अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई।

दिसंबर 2016 में खबर आई थी कि पुलवामा के उपायुक्त की ओर से अधिसूचना जारी करके आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए जिला स्तरीय जांच सह परामर्श समिति (डीएलएससीसी) ने मुआवजा राहत को मंजूरी दी है। आतंकी घटनाओं में मारे गए 17 लोगों की सूची में वानी के भाई खालिद मुजफ्फर वानी का नाम भी है जिसकी पिछले साल 13 अप्रैल को त्राल के बुचू वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की ओर से की गई गोलीबारी में मौत हो गई थी। पुलवामा के उपायुक्त मुनीर उल इस्लाम की अध्यक्षता में डीएनएससीसी की बैठक 24 नवंबर को हुई थी। उपायुक्त ने आपत्तियां मंगवाई हैं। आपत्तियां औपचारिक आदेश जारी होने से सात दिन पहले दर्ज करानी होंगी। नियमानुसार ऐसे मामलों में चार लाख रूपये का मुआवजा दिया जाता है।

बता दें, बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान जन-जीवन प्रभावित हुआ था। ये आंदोलन कई महीनों तक चले, जिसे आम लोगों को काफी दिक्कत हुई। कई दिनों तक घाटी में कर्फ्यू लगा रहा। इस दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में 86 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों घायल हो गए थे।

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