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कश्‍मीर: सरकारी कॉलेज में स्‍टूडेंट्स ने फहराया पाकिस्‍तानी झंडा, सुरक्षा बलों से झड़प में 6 घायल

गुस्‍साए छात्रों ने पत्‍थरबाजी शुरू कर दी, जिस पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

कश्‍मीर में सुरक्षा बलों पर पत्‍थर फेंकते कश्‍मीरी युवा। (PTI FILE PHOTO)

जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा जिले में बुधवार (26 अप्रैल) को छात्रों ने फिर हिंसक प्रदर्शन किया। स्‍टूडेंट्स ने श्रीनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर, पुलवामा जिले के सरकारी डिग्री कॉलेज में पाकिस्‍तानी झंडा फहराया। उसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों पर पत्‍थरबाजी भी की। पुलिस कॉलेज के करीब नहीं गई, मगर कुछ ही देर में छात्र मुर्रान चौक पहुंच गए जहां भारी पुलिस बल ने उनके जुलूस को रोकने की कोशिश की। इस पर गुस्‍साए छात्रों ने पत्‍थरबाजी शुरू कर दी, जिस पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे प्रदर्शन में 6 छात्र और 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि छात्र 15 अप्रैल को पुलवामा में हुई घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें कॉलेज के बाहर एक सिक्‍योरिटी पोस्‍ट बनाने पर आपत्ति को लेकर सुरक्षा बल और छात्र आमने-सामने आ गए थे। उस दिन 50 से भी ज्‍यादा छात्र घायल हुए थे। इसके अलावा शोपियां में भी पुलिस पर पत्‍थरबाजी हुई थी।

24 अप्रैल को श्रीनगर के एसपी हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इसमें एक फोटो जर्नलिस्ट भी जख्मी हुआ। पांच दिनों की बंदी के बाद सोमवार को स्कूल दोबारा खुला था। छात्रों का एक दल एस पी कॉलेज से विरोध- मार्च निकाल कर मौलाना आजाद रोड पर जाना चाहता था लेकिन पुलिस ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। इससे गुस्साए छात्र पुलिस के साथ उलझ गए। 24 अप्रैल को ही कश्मीर में पीपुल्स डेमॉक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पुलवामा डिस्ट्रिक्ट प्रेजिडेंट अब्दुल गनी डार की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

कश्मीर के पुलवामा में 15 अप्रैल को छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के बाद सरकार ने एहतियातन पिछले सोमवार से घाटी में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया था। उसके बाद से दोबारा उन शिक्षण संस्थानों को खोला गया।

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