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कश्‍मीर निकाय चुनाव: पहली बार घाटी में जीते भाजपा के पांच उम्‍मीदवार

पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार धारा 35ए पर अपना रुख साफ नहीं कर देती है तब तक उनकी पार्टी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव का बहिष्कार करेगी।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

जम्मू-कश्मीर के निकाय चुनावों में कश्मीर घाटी में पहली बार भाजपा के पांच उम्मीदवार विजयी हुए हैं। ये सभी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि राज्य की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियां पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल कॉन्फ्रेन्स ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है। अलगाववादियों ने भी घाटी में चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। इस बीच कश्मीर के 11 नगर निकायों और श्रीनगर नगर निगम के तीन वार्डों में से पांच सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। हालांकि, इनकी जीत का आधिकारिक एलान होना बाकी है। बता दें कि इन सीटों पर आठ अक्टूबर को चुनाव होने हैं। इन पांचों उम्मीदवारों के खिलाफ किसी भी दूसरे दल के उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया था। मंगलवार (25 सितंबर) को नामांकन की आखिरी तारीख थी।

निर्विरोध निर्वाचित होने वाले पांच में से तीन उम्मीदवार दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद का मजबूत किला कहलाने वाले कुलगाम और देवसर नगर निकाय से हैं जबकि दो अनंतनाग जिला के अंतर्गत आने वाले अच्छाबल नगर समिति से हैं। उधर, अनंतनाग नगर परिषद के लिए कुल 36 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल कराया है। वहां दूसरे चरण में 10 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। अनंतनाग नगर परिषद के चुनावों में कांग्रेस के प्रदेश सचिव हिलाल अहमद शाह और भाजपा के जिला प्रमुख रफीक वानी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव बहिष्कार और आंतकी साए के बीच पहले चरण के चुनाव के लिए बीजेपी ने कुल 74 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में देवसार म्यूनिसपल कमेटी से सतीश कुमार जुत्शी, अच्छाबल म्यूनिसपल कमेटी से उर्मिला बाली और रिशव बाली, कुलगाम म्यूनिसपल कमेटी से ज्योति गोसानी और बबलू गोसानी शामिल हैं। गौरतलब है कि कश्मीर में मुख्य रूप से निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला है। पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेन्स ने खुद को चुनाव से अलग रखा है।बता दें कि पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार धारा 35ए पर अपना रुख साफ नहीं कर देती है तब तक उनकी पार्टी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव का बहिष्कार करेगी। बता दें कि इस वक्त राज्य में गवर्नर रूल लागू है।

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