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महबूबा मुफ्ती के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, कहा- केंद्र साथ न होता तो कश्मीर को कब्रिस्तान बना देते आतंकी

रविंदर रैना ने कहा, "जब आप सत्ता से बाहर हो गईं तो आप सैयद सलाहुद्दीन और यासिन मलिक को याद कर रही हैं, सभी जानते हैं कि सलाहुद्दीन और यासीन मलिक हत्यारे हैं, और अब उनलोगों को याद करने का मतलब है कि आप उन लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रही हैं जिनके परिवारवालों को इन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जान से मार दिया था।"

शुक्रवार (13 जुलाई 2018) को श्रीनगर में 1931 की घटना में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देती पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (फोटो-पीटीआई)

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की धमकी के बाद बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के नेता रविंदर रैना ने कहा है कि महबूबा जिस दिल्ली पर आरोप लगा रही हैं अगर उस दिल्ली ने साथ ना दिया होता तो पाकिस्तानी आतंकी कश्मीर को कब्रिस्तान बना दिये होते। बता दें कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार (13 जुलाई) को कहा था कि अगर उनकी पार्टी को सरकार बनाने के लिए तोड़ा गया तो केंद्र सरकार अंतत: सैयद सलाहुद्दीन और यासीन मलिक जैसे और आतंकवादियों को पैदा करेगी। महबूबा के इस बयान पर टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में रविंदर रैना ने कहा, “जब आप सत्ता से बाहर हो गईं तो आप सैयद सलाहुद्दीन और यासिन मलिक को याद कर रही हैं, सभी जानते हैं कि सलाहुद्दीन और यासीन मलिक हत्यारे हैं, और अब उनलोगों को याद करने का मतलब है कि आप उन लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रही हैं जिनके परिवारवालों को इन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जान से मार दिया था।” रैना ने आगे कहा, “अगर नयी दिल्ली का जम्मू-कश्मीर को सपोर्ट नहीं होता तो पाकिस्तानी आतंकी, अलगाववादी और पत्थरबाज आम कश्मीरियों का नरसंहार कर दिये होते, ये लोग कश्मीर को कब्रिस्तान में तब्दील कर दिये होते।”

बता दें कि महबूबा ने आज (13 जुलाई) कहा था कि, “सभी जानते हैं कि जबतक दिल्ली (केंद्र सरकार) नहीं चाहेगी, कोई खरीद फरोख्त नहीं होगा। अगर दिल्ली मेरी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करेगी, तो यह उसी को दोहराना होगा, जो 1987 में हुआ था।” महबूबा के बयान पर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह के बयान से महबूबा को कोई फायदा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, “कम से कम उन्हें अलगाववादियों की भाषा तो बिल्कुल नहीं बोलनी चाहिए…आज कश्मीर अमन के रास्ते पर चल रहा है…अलगावादी और आतंकवादी किनारे हो रहे हैं, जम्मू कश्मीर की जनता उन्हें अलग-थलग कर रही है…ऐसे हालात में इस तरह की भाषा…आप राजनीतिक दल से हटकर ऐसे संगठन के रूप में दिखाई देने लगते हैं जो अलगाववाद के रास्ते पर चलते हैं।”

पीडीपी में बगावत की खबरों के बीच महबूबा ने कहा कि उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई तो आखिरकार सलाहुद्दीन (हिजबुल का प्रमुख जिसने 1987 में चुनाव लड़ा था) और यासीन मालिक (जेकेएलएफ प्रमुख जो उस समय सलाहुद्दीन के पोलिंग एजेंट थे) को जन्म देने का काम करेंगे।” सलाहुद्दीन इस वक्त पाकिस्तान में बैठा है भारत विरोधी गतिविधियों में शिरकत करता रहता है।

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