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अलगाववादियों के बुलाए गए बंद के बाद भी युवाओं ने दी सेना की भर्ती परीक्षा, 1,300 कश्मीरी युवकों ने लिया भाग

अधिकारियों ने रविवार को कश्मीर घाटी में कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू व प्रतिबंध लागू किया था।

Author कश्मीर | Updated: May 29, 2017 10:40 AM
भारतीय सेना में सोल्जर जनरल ड्यूटी, टेक्निकल और कारीगरों के चयन के लिए सामान्य प्रवेश लिखित परीक्षा का आयोजन श्रीनगर और बारामूला जिले के पत्तन शहर में किया गया। (ANI Photo)

कश्मीर में भले ही आलगाववादियों द्वारा कितना ही कश्मीरी युवाओं को भड़का कर पत्थरबाजी क्यों न करवाई जा रही हो, लेकिन कई युवा ऐसा हैं जो कि सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। सेना ने रविवार को कहा कि अलगाववादियों द्वारा बुलाए गए बंद के बावजूद जम्मू एवं कश्मीर में करीब 1,300 स्थानीय युवकों ने सेना भर्ती परीक्षा में भाग लिया। रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, “भारतीय सेना में सोल्जर जनरल ड्यूटी, टेक्निकल और कारीगरों के चयन के लिए सामान्य प्रवेश लिखित परीक्षा का आयोजन श्रीनगर और बारामूला जिले के पत्तन शहर में किया गया।” अधिकारियों ने रविवार को कश्मीर घाटी में कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू व प्रतिबंध लागू किया था। यह कदम हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर सबजर अहमद भट के दक्षिण कश्मीर के त्राल में पैतृक गांव में दफनाए जाने व सैकड़ों लोगों द्वारा मध्य रात्रि को हुए उसके अंतिम संस्कार में भाग लेने को देखते हुए लिया था।

वहीं दूसरी तरफ श्रीनगर और कश्मीर के अन्य स्थानों पर सोमवार को भी कर्फ्यू और प्रतिबंध जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है। श्रीनगर जिला मजिस्ट्रेट फारुख अहमद लोन ने बताया, “सात पुलिस थाना क्षेत्रों खानयार, रैनवाड़ी, नौहट्टा, एम.आर.गंज, सफा कदाल, क्रालखंड़ और मैसूमा में कर्फ्यू जारी रहेगा।” अनंतनाग के जिला मजिस्ट्रेट सैयद अबीद राशिद ने भी कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनंतनाग में प्रतिबंध लगाया हुआ है। कश्मीर घाट में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार बट के शनिवार को मारे जाने के बाद से तनाव बना हुआ है।

पुलवामा जिले के सैमोहा गांव में अपने सहयोगी फैजान अहमद के साथ सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में सबजार को मार गिराया गया था। सबजार और फैजान दोनों ही त्राल तहसील के रातसूना गांव के हैं, जहां उन्हें दफनाया गया है। प्रशासन ने हिजबुल कमांडर की मौत के बाद हिंसा भड़कने से रोकने के लिए रविवार को कर्फ्यू और प्रतिबंध लगा दिया था। अलगाववादियों ने सोमवार को बंद का आह्वान किया है और लोगों को मंगलवार को ‘मार्च टू त्राल’ में शामिल होने की अपील की है। वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख को नजरबंद रखा गया है जबकि जेकेएलएफ प्रमुख मुहम्मद यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है और सोमवार को होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। रेल सेवाएं भी सोमवार को लगातार दूसरे दिन रद्द हैं। घाटी के कई होटल व्यवसायी कर्फ्यू और प्रतिबंध से आजीविका को बाधा पहुंचने का रोना रो रहे हैं।

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