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कठुआ रेप केस आरोपियों के वकील बने भाजपा के पूर्व मंत्री, मुफ्त लड़ेंगे केस

मास्टर मोहन लाल पूर्व की शिअद-भाजपा सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री थे। 2007 से 2012 के बीच उन्होंने पंजाब विधानसभा में पठानकोट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। बता दें कि कठुआ रेप केस की सुनवाई अब पठानकोट में हो रही है।

पुलिस की गिरफ्त में कठुआ कांड का आरोपी सांझी राम (फाइल फोटो)

पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके बीजेपी नेता मास्टर मोहन लाल कठुआ रेप और हत्याकांड के आरोपियों की पैरवी करेंगे। मास्टर मोहन लाल इसके लिए आरोपियों से एक पैसा भी नहीं लेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री से वकील बने मास्टर मोहन लाल केस के दो मुख्य आरोपियों सांझी राम और उसके बेटे विशाल के लिए पैरवी करेंगे। मास्टर मोहन लाल पूर्व की शिअद-भाजपा सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री थे। 2007 से 2012 के बीच उन्होंने पंजाब विधानसभा में पठानकोट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। बता दें कि कठुआ रेप केस की सुनवाई अब पठानकोट में हो रही है।

मास्टर मोहन लाल पठानकोर्ट जिला और सत्र जज तेजविंदर सिंह की अदालत में मुकदमे की पैरवी करेंगे। मास्टर मोहन लाल ने इस कदम के पीछे किसी भी राजनीतिक मंशा से साफ इंकार किया है। उन्होंने कहा, “मेरे मुवक्किल के साथ मेरे पेशेवर संबंध रहे हैं, और मेरा उनके साथ बचाव पक्ष के वकील के रुप में जुड़ने का राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।” मास्टर मोहन लाल ने कहा कि आरोपियों ने मुझसे संपर्क किया, वे किसी भी दूसरे क्लायंट की तरह ही है, मैं उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए अदालत में लडूंगा।” 71 साल के मास्टर मोहन लाल ने कहा कि वे कभी भी अपने मुवक्किलों से फीस नहीं लेते हैं।

सूत्र बताते हैं कि पठानकोट और कठुआ के क्षेत्र में मोहन लाल प्रभावशाली व्यक्ति हैं। हाल ही में एक ट्रायल कोर्ट ने कैदियों की शिकायत के बाद उन्हें गुरदासपुर जेल का दौरा करने को कहा था। बता दें कि राजनीतिक रुप से बेहद संवेदनशील कठुआ रेप केस से जुड़े हर घटनाक्रम पर पूरे देश की निगाह लगी होती है। इस कांड में 8 साल की एक बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को कठुआ केस कठुआ कोर्ट से पठानकोर्ट स्थानांतरित करते हुए आदेश दिया था कि पठानकोट जिला और सत्र न्यायाधीश मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में और बिना स्थगन के हर रोज करेंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने कहा था कि आरोपियों के वकीलों या विशेष सरकारी अभियोजक को सिर्फ अदालती कक्ष में दाखिल होने की अनुमति होगी, किसी अन्य को नहीं।

पंजाब के पूर्व ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मास्टर मोहन लाल (फोटो- विकीपीडिया)

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