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कश्मीर में गौरक्षकों का आतंक, 70 साल के बुजुर्ग को पीटा, पैसों के साथ सेलफोन और शॉल भी छीनी

गौरक्षकों द्वारा होने वाली हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दो दिन पहले जम्मू कश्मीर के 70 साल के लाल हुसैन को पीटा गया।

गौरक्षकों द्वारा होने वाली हिंसा थमने ना नाम नहीं ले रही है।

गौरक्षकों द्वारा होने वाली हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दो दिन पहले जम्मू कश्मीर के 70 साल के लाल हुसैन को पीटा गया। लाल हुसैन के अनुसार उन्हें सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि वह बस एक गाय के पीछे चल रहे थे जिसे देख गौरक्षकों को लगा कि वह गाय उन्हीं की है। और उन्होंने लाल हुसैन को पीटना शुरू कर दिया। लाल हुसैन के अनुसार वह गाय उनकी नहीं थी बल्कि वह तो सिर्फ उसके मालिक के पीछे चल रहे थे। लाल हुसैन को नहीं पता की उन्हें क्यों पीटा गया। मारपीट में लाल हुसैन को काफी चोट आई हैं। बुरी तरह मारपीट के बाद उन्हें मरने के लिए एक नाली में फेंक दिया गया। बाद में कुछ लोगों ने उन्हें बदहवास हालत में देखा तो उन्हें घर ले जाया गया। हुसैन जो एक खानाबदोश गुज्जर हैं बताते हैं, ‘मेरे पास कोई गाय नहीं है। बस दो भैंस है और कुछ भेड़-बकरियां हैं। जिन्हें मैं पहले ही बेच चुका हूं।’ खबर के अनुसार हुसैन बीते शनिवार को तब हमला हुआ जब वो जम्मू-कश्मीर के बकोरी में उन पैसों को जमा करने के लिए बैंक जा रहे थे। ये जगह राजौरी जिले में है।

हुसैन के अनुसार कथित गौरक्षक नकदी से भरा बैग, सेलफोन और यहां तक की शाल भी छीनकर ले गए। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में हुसैन के पुत्र मोहम्मद फारुख ने बताया, ‘मेरे पिता का दोष सिर्फ इतना था कि वो एक गाय के पीछे चल रहे थे। जिससे हमलावरों को लगा कि गाय उन्हीं की है।’ वहीं घटना मामले में हुसैन ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि गौरक्षक झुंड में आए थे। उनमें काफी लोग युवा थे। दूसरी तरफ पुलिस ने घटना के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसकी पहचान कुलदीप राज के रूप में की गई है। कुलदीप गुंधा गांव का रहने वाला है। एसएचओ मोहम्मद जहांगीर के अनुसार आरोपी के साथ करीब एक दर्जन लोग और भी थे। जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

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