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J&K: महिला SPO के घर में कॉपी-पेन लेकर घुसे थे आतंकी, नाम लेकर बुलाया और कर दी हत्या

खुशबू के परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं, इनमें से एक कक्षा आठवीं में पढ़ता है, वहीं दूसरा उससे भी छोटा है।

Author March 17, 2019 11:53 AM
खुशबू के परिजन (Express photo by Shuaib Masoodi)

जम्मू-कश्मीर में एक स्पेशल पुलिस अधिकारी (SPO) की शनिवार को आतंकियों ने उनके घर पर हत्या कर दी। महिला SPO की हत्या की यह घटना दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले की है। सुरक्षा बल आंतकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हाल ही के दिनों में किसी महिला SPO को मारे जाने की यह पहली घटना है। मृतक अधिकारी की पहचान खुशबू जान के रुप में हुई है। उन पर जिले के वहील इलाके में हमला हुआ था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हमले में उन्हें काफी गहरी चोटें आई थीं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई।

खुशबू के पिता मोहम्मद मंजूर भट ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘लोग दोपहर के करीब दो बजे उनके घर पर आए थे। उनके पास कॉपी और पेन थे जिससे हमें लगा कि वे कुछ जानकारी लेना चाहते हैं। घर में घुसने के बाद उन्होंने खुशबू के बारे में पूछा और उसे गोली मार दी। वह घर की इकलौती कमाने वाली सदस्य थी। कुछ साल पहले ही हमारा घर भी जला दिया गया था।’ खुशबू के परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं, इनमें से एक कक्षा आठवीं में पढ़ता है, वहीं दूसरा उससे भी छोटा है।

इस मामले में एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला SPO पर नहीं घर पर थीं, इस संबंध में केस दर्ज कर लिया गया है। शोपियां जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उनकी अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो गई थी। उन्हें नाक के पास गोली लगी थी। पिछले हफ्ते लोकसभा चुनावों के ऐलान के बाद आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में सिलसिलेवार हमलों को अंजाम दिया। गुरुवार की रात पुलवामा के अवंतीपुरा में एक 40 वर्षीय शख्स की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। वहीं अनंतनाग के बिजबेहरा में एक हमले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के ब्लॉक प्रमुख इस्माइल वाणी (60) भी घायल हो गए थे।

 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने महिला अधिकारी की हत्या की निंदा की। पिछले साल आतंकियों ने स्पेशल पुलिस अफसरों को निशाना बनाना शुरू किया था, उन्हें लगता ये सुरक्षा एजेंसियों को सूचनाएं देते हैं। पिछले साल सिलसिलेवार हमलों के बाद सुरक्षा के मद्देनजर कई अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था, इनमें से कई के आतंकी संगठनों से जुड़ने की भी खबर है। स्पेशल पुलिस अधिकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के अस्थायी कर्मचारी होते हैं। राज्य में इनमें करीब 30 हजार महिला पुरुष शामिल हैं। उन्हें राज्य पुलिस की रीढ़ की हड्डी माना जाता है।

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