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जम्मू-कश्मीरः लॉकडाउन में कम हुई थीं आतंकी गतिविधियां, 12 दिनों में मारे गए 15 आतंकी

इस साल के पहले चार महीनों में पूरे कश्मीर में अलग-अलग मुठभेड़ों में 43 आतंकवादी मारे गए, वहीं कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान मई और जून में केवल 16 उग्रवादी मारे गए।

सांकेतिक फोटो।

जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले और उनकी खबरें एक बार फर तुल पकड़ने लगीं हैं। मई और जून में कोविड -19 लॉकडाउन के कारण स्पष्ट रूप से आतंकवादी वारदातों में गिरावट देखने के बाद, कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ फिर से बढ़ रही है, पिछले 12 दिनों में छह गोली बारी की वारदातों में 15 आतंकी मारे गए।

जहां इस साल के पहले चार महीनों में पूरे कश्मीर में अलग-अलग मुठभेड़ों में 43 आतंकवादी मारे गए, वहीं कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान मई और जून में केवल 16 उग्रवादी मारे गए। हालांकि, पिछले 12 दिनों में सुरक्षा बलों के साथ छह अलग-अलग मुठभेड़ों में 15 आतंकवादी मारे गए। गौरतलब है कि सभी छह मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर के जिलों कुलगाम (3), पुलवामा (2) और अनंतनाग (1) में हुए थे।

मारे गए 15 आतंकवादियों में से 14 पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे जबकि एक जैश-ए-मोहम्मद का था। जम्मू और कश्मीर शांति की यह झलक लंबी नही चली क्योंकि बीते छह हफ्तों में घाटी में आतंकवाद से संबंधित हिंसा में भारी वृद्धि देखी गई है, साथ ही सुरक्षा बलों पर हमलों में विदेशी आतंकवादियों की भागीदारी में वृद्धि हुई है। 2020 में कश्मीर में 200 से अधिक आतंकवादी मारे गए जबकि 2019 में 157 की संख्या थी। 2018 में मारे गए आतंकवादियों की संख्या 257 थी- जो एक दशक में सबसे अधिक थी।

इन ऑपरेशनों में इस साल आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में 15 सुरक्षाकर्मी और 19 नागरिक मारे गए। विशेष रूप से, सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी से पता चलता है कि विदेशी आतंकवादी (पाकिस्तान से) अप्रैल तक सुरक्षा बलों के साथ किसी भी मुठभेड़ में शामिल नहीं थे। अप्रैल से जून के बीच चार विदेशी आतंकी आतंकियों से मुठभेड़ में मारे गए। जुलाई में, एक और चार एफटी मारे गए, जिससे उनकी संख्या आठ हो गई।

दोनों देशों के डीजीएमओ ने मुलाकात और 25 फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी करने के बाद संघर्ष विराम का सम्मान करने का फैसला लिया था। लेकिन इन सब खबरों के बीच एक खबर यह भी है कि भारत और पाकिस्तान ने बुधवार को एलओसी पर ईद-अल-अधा के शुभ अवसर पर मिठाइयां बांटी। भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले के पुंछ-रावलकोट क्रॉसिंग पॉइंट और मेंढर-हॉटस्प्रिंग क्रॉसिंग पॉइंट पर एलओसी पर अभिवादन किया और एक दूसरे को मिठाइयां बांटी। इस समारोह को दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध विराम की पृष्ठभूमि में एक बढ़े हुए विश्वास निर्माण उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

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