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ईद से पहले कश्‍मीर पुलिस की अच्‍छी पहल, शहीदों के परिवारों को बांटे तोहफे

ईद की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर की सोपोर पुलिस ने एक स्वागत योग्य पहल की। पुलिस ने शहीदों के परिवार वालों को उपहार प्रदान किए। 'कश्मीर जोन पुलिस' नाम के ट्विटर हैंडल से कुछ तस्वीरें ट्वीट की गईं। ट्वीट में बताया गया कि ईद की पूर्व संध्या पर शहीदों को याद किया जा रहा है।

ईद की पूर्व संध्या पर सोपोर पुलिस ने शहीदों के परिवार वालों को बांटे उपहार। तस्वीर Kashmir Zone Police के ट्विटर हैंडल से ट्वीट की गई है।

ईद की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर की सोपोर पुलिस ने एक स्वागत योग्य पहल की। पुलिस ने शहीदों के परिवार वालों को उपहार प्रदान किए। ‘कश्मीर जोन पुलिस’ नाम के ट्विटर हैंडल से कुछ तस्वीरें ट्वीट की गईं। ट्वीट में बताया गया कि ईद की पूर्व संध्या पर शहीदों को याद किया जा रहा है। ट्वीट में जम्मू-कश्मीर पुलिस, डीजीपी शेष पॉल वैद, बारामूला के डीआईजी और सोपोर पुलिस को टैग किया गया है। पुलिस की इस पहल का ट्विटर यूजर्स ने भी स्वागत किया है। तस्वीरों में शहीदों के परिवार वाले काफी भावुक नजर आ रहे हैं। बता दें कि बीते काफी दिनों से घाटी में पुलिस और सेना के खिलाफ स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। आए दिन सेना और पुलिस को उग्र कश्मीरियों के द्वारा निशाना बनाए जाने की खबरें जोर पकड़ रही हैं। ताजा मामला पिछले दिनों सीआरपीएफ की जीप के नीचे आए कथित पत्थरबाजों का है जिनमें एक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना के बाद श्रीनगर की सीआरपीएफ यूनिट के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।

गुरुवार (14 जून) को जम्मू-कश्मीर से सेना के एक जवान के लापता होने की खबर आ गई। शक जताया जा रहा है कि जवान को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया। आतंक से घाटी मुक्त हो सके, इसके लिए पुलिस जनता में विश्वास पैदा करने के लगातार प्रयास कर रही हैं। पुलिस अगर जनता में उसके और सेना के प्रति विश्वास पैदा करने में सफल रहती है तो अमन और चैन आने की काफी संभावनाएं बनेंगी। इसी के तहत सोपोर पुलिस ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों न सिर्फ याद किया, बल्कि उनके घरवालों को बुलाकर उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ उपहार भी दिए। पुलिस का यह काम कहीं न कहीं घाटी में सेना और पुलिस में लगे जवानों और उनके घरवालों में प्रेरणा भरने का काम करेगा।

बता दें कि मेहबूबा मुफ्ती सरकार के आग्रह के बाद भारत के गृह मंत्रालय ने फैसला किया था कि रमजान के पवित्र महीने में सुरक्षा बल गोली नहीं चलाएंगे, लेकिन आतंकवादी हमले की सूरत में वे चुप भी नहीं बैठेगे। रमजान के महीने के दौरान भी आतंकियों की घुसपैठ और हमले होते रहे और सीमा पार से सीजफायर में भी कमी नहीं आई। 12 जून को पुलवामा में अदालत परिसर की सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मी आतंकी हमले में शहीद हो गए थे, वहीं 13 जून को सांबा सेक्टर के चंबियाल में सीमा पार से हुए सीजफायर में बीएसएफ चार जवान शहीद हो गए थे।

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