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जम्मू-कश्मीर : उरी से भी बड़ा आतंकी हमला, CRPF के 40 जवान शहीद, जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की 54 बटालियन के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। हमले में 30 जवान शहीद हो गए। आत्‍मघाती हमलावर ने विस्‍फोटकों से लदे वाहन से बस में टक्‍कर मार दी जिसके बाद जबरदस्‍त धमाका हुआ।

Author February 14, 2019 7:56 PM
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला। फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार (14 फरवरी) को जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायिन हमले में सीआरपीएफ के 30 जवान शहीद हो गए। वहीं, न्‍यूज एजेंसी ‘ANI’ ने जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक के. राजीव कुमार के हवाले से खबर दी है कि इस भीषण हमले में 40 जवान शहीद हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बस में कुल 41 जवान सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि जैश आतंकी विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस में टक्कर मार दी। इसके बाद जबरदस्‍त धमाका हुआ और बस के परखच्‍चे उड़ गए। जम्‍मू-कश्‍मीर में वर्ष 2016 में हुए उरी हमले के बाद यह सबसे भीषण आतंकवादी हमला है। जनकारी के मुताबिक, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 2500 से अधिक जवान 78 वाहनों के काफिले के साथ जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने काम पर वापस लौट रहे थे।

घात लगाकर किया गया हमला: जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड़ पर इस काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। पुलिस ने आत्मघाती हमला करने वाले वाहन को चलाने वाले आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद के तौर पर की है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अहमद साल 2018 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था। इस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ले ली है। यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ है। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और घटनास्‍थल पर बिखरे क्षत-विक्षत शवों को देखा जा सकता था। सीआरपीएफ के महानिदेशक आरआर भटनागर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘यह एक विशाल काफिला था, जिसमें करीब 2500 सुरक्षाकर्मी विभिन्न वाहनों में जा रहे थे। काफिले पर कुछ गोलियां भी चलाई गई है।’

आमतौर पर 1000 जवानों का ही होता है काफिला: यह काफिला जम्मू से तड़के साढ़े तीन बजे (14 फरवरी) चला था और इसे सूर्यास्त तक श्रीनगर पहुंचना था। अधिकारियों ने बताया कि घाटी लौट रहे कर्मियों की संख्या अधिक थी, क्योंकि राजमार्ग पर पिछले दो-तीन दिन से खराब मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों से कोई आवाजाही नहीं हो रही थी। आम तौर पर काफिले में करीब 1000 जवान ही चलते हैं, लेकिन इस बार जवानों की कुल संख्या 2547 थी। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर मार्ग को परखने के लिए एक दल को तैनात किया गया था और काफिले में आतंक निरोधक बख्तरबंद वाहन भी मौजूद थे। फारेंसिक एवं बम निरोधी दल का दस्‍ता मौके पर पहुंच गया है।

76वीं बटालियन की बस को बनाया निशाना: आत्‍मघाती हमलावर ने बीच में चल रही सीआपीएफ की 76वीं बटालियन की बस को निशाना बनाया। इसमें कुल 41 जवान सवार थे। कश्मीर घाटी में सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (अभियान) जुल्फीकार हसन ने बताया कि मामले की जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस भी जांच कर रही है।

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