जम्मू-कश्मीरः महबूबा मुफ्ती पर CM फंड्स से परिवार-पार्टी को पेमेंट पहुंचाने का आरोप, करीबी की डायरी से ED को मिले सुराग

ईडी की महबूबा के खिलाफ की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि इन फंड्स से हर महीने एक करोड़ रुपए तक के पेमेंट होते थे, जिनमें से एक-तिहाई हिस्सा राज्य की सरकारी एजेंसियों को जाता था।

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जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (Indian Express)।

जम्मू-कश्मीर में की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर केंद्रीय एजेंसियों की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पिछले साल दिसंबर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने महबूबा के एक करीबी सलाहकार के घर पर छापे मारे थे और हाथ से लिखी दो डायरियां अपने कब्जे में ली थीं। सूत्रों ने द संडे एक्सप्रेस को बताया है कि इन डायरियों की जांच से ईडी को सीएम फंड्स के दुरुपयोग से जुड़े कई सबूत मिले हैं।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से ईडी ने दो दिन पहले ही पूछताछ की थी। अफसरों का कहना है कि उन्हें इस दौरान उस डायरी से जुड़े कुछ पन्नों की कॉपी दिखाई गई थी, जिनमें सीएम फंड्स से हर महीने कथित तौर पर रिश्तेदारों और कुछ अन्य लोगों को पेमेंट कने की बात लिखी थी, जिससे निजी खर्च और पार्टी गतिविधियों फंड्स का इस्तेमाल किया जा सके।

ईडी की महबूबा के खिलाफ की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि इन फंड्स से हर महीने एक करोड़ रुपए तक के पेमेंट होते थे, जिनमें से एक-तिहाई हिस्सा राज्य की सरकारी एजेंसियों को जाता था। बताया गया है कि 23 बैंक अकाउंट्स की जांच और मामले से जुड़े कई अहम लोगों से पूछताछ और उनकी छानबीन के बाद ईडी ने महबूबा पर सरकारी फंड का इस्तेमाल निजी और राजनीतिक कारणों से करने का केस तैयार किया है। जांच एजेंसी ने पाया है कि महबूबा ने कथित तौर पर फंड्स से 7-8 करोड़ रुपए की राशि का हेरफेर किया।

अधिकारियों ने कहा है कि कुछ एंट्रीज की जांच में पूर्व मुख्यमंत्री के खुद को ही पेमेंट करने की बात सामने आई है। साथ ही कुछ बेसहारा घरों को भी राशि दी गई। कहा गया है कि मई-जून और नवंबर 2017 में कुछ पेमेंट्स दिल्ली में वाजवान आयोजित करने के लिए दिए गए। इसके अलावा एक ह्यूमिडिफायर खरीदने, टेलर का बिल चुकाने, केबल टीवी के लिए, गोल्फ क्लब का बिल चुकाने और दूध की सप्लाई के लिए भी सीएम फंड से पेमेंट किए गए। एजेंसी ने पाया है कि जून 2016 में ऐसे निजी खर्चों के लिए 59.64 लाख और अक्टूबर 2016 में 53.35 लाख रुपए खर्च हुए।

ईडी ने इन सभी खर्चों को उनके आखिरी इस्तेमाल के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में भी रखा है। इनका इस्तेमाल पीडीपी की रैली आयोजित करने, पीडीपी कार्यकर्ताओं को वाहन मुहैया कराने में और परिवार के लिए फ्लाइट के टिकट खरीदने तक में हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि 2016 से 2018 के बीच महबूबा मुफ्ती की मांग गुलशन नजीर के अकाउंट्स में 60 लाख रुपए तक के कैश डिपॉजिट हुए। इसके अलावा महबूबा की बेटी, उनकी बहन और भाइयों के अकाउंट्स में भी धनराशि जमा होने की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि ईडी जल्द इन सभी से पूछताछ करेगी।

द इंडियन एक्सप्रेस ने जब इसे लेकर महबूबा मुफ्ती से सवाल किए तो उन्होंने कहा, “मुझे भी यह डायरी दिखाई गई, लेकिन कोई सच नहीं है। मैं इसमें बताए गए लोगों को जानती हूं, लेकिन वे अपने नोट्स में क्या लिखते हैं, इसकी पुष्टि नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री का फंड विवेकाधीन फंड है और यह सीएम पर ही निर्भर करता है कि वह उस राशि को कैसे खर्च करेगा। उन्होंने कहा हर मुख्यमंत्री सीएम फंड को अलग-अलग उद्देश्यों से इस्तेमाल करता है, लेकिन इनकी कभी जांच नहीं होती। मैंने इसका ब्योरा रखा और शायद मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था।”

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