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जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष की हिज्बुल आतंकी सरगना सैयद सलाहुद्दीन को सलाह- घाटी में आकर चुनाव लड़ो

जम्मू-कश्मीर के नवनियुक्त भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष रविंद्र रैना ने गुरुवार (17 मई) को पत्रकारों से बात करते हुए हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन को मुख्यधारा में लौटने की सलाह दी। रविंद्र रैना ने पत्रकारों के जरिये आह्मवान किया कि आतंकी सरगना बंदूक की संस्कृति छोड़ राज्य में अपने घर लौटे...

बीच में हिज्बुल आतंकी सैयद सलाहुद्दीन। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

जम्मू-कश्मीर के नवनियुक्त  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष रविंद्र रैना ने गुरुवार (17 मई) को पत्रकारों से बात करते हुए हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन को मुख्यधारा में लौटने की सलाह दी। रविंद्र रैना ने पत्रकारों के जरिये आह्मवान किया कि आतंकी सरगना बंदूक की संस्कृति छोड़ राज्य में अपने घर लौटे, मुख्यधारा से जुड़े और चुनाव लड़ें। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के तौर पर कमान संभालने के बाद अपने पहले बयान में 40 वर्षीय रैना ने कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले युवा आतंकवादियों से भी हथियार छोड़ने और मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया। बीजेपी प्रमुख ने पत्रकारों से कहा- ‘‘मैं सैयद सलाहुद्दीन से कहता हूं कि तुम पाकिस्तान और दूसरे देशों में यहां-वहां क्यों घूम रहे हो। अपने घर लौटो और मुख्यधारा से जुड़ो।’’ रैना ने कहा- ‘‘यदि तुम (सलाहुद्दीन) खुद के जम्मू कश्मीर का नेता होने का दावा करते हो तो लौटो और राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव लड़ो और इसे साबित करो।’’

रविंद्र रैना ने घाटी में रक्तपात और हिंसा के लिए युवाओं को हथियारबंद करने को लेकर कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के समूह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल पर भी हमला बोला। सैयद सलाहुद्दीन के नाम से जाने जाने वाले मोहम्मद यूसुफ शाह को अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले साल जून में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। रैना ने कहा कि केंद्र द्वारा रमजान के दौरान सुरक्षाबलों की ओर से कोई अभियान न चलाए जाने की कल की गई घोषणा सशर्त है, न कि एकतरफा।

रैना ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में सुरक्षाबल पहले से गोली नहीं चलाएंगे, लेकिन अगर आतंकवादियों ने हमला करने की कोशिश की तो फिर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से मांग की थी रमजान के पाक महीने में राज्य में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन थामा जाए। इस पर बुधवार (16 मई) को केंद्र सरकार ने सशर्त महबूबा की मांग को मान लिया था। महबूबा ने बुधवार को ही राज्य में हुई एक सर्वदलीय बैठक में कहा था- ”रमजान का पाक महीना शुरू होने वाला है, ऐसे में सेना का हथियार रख देने चाहिए।” महबूबा की मांग पर केंद्र सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब आतंकवादियों पर सेना और सुरक्षाबल खासे भारी पड़ रहे हैं।

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