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जम्मू-कश्मीर : 22 साल बाद फिर लागू होगा राष्ट्रपति शासन, आज से राज्यपाल शासन खत्म

जम्मू-कश्मीर में बुधवार से राष्ट्रपति शासन लागू होने का अनुमान है। राज्यपाल की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने सोमवार को ही राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी थी। अब इस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मुहर लगनी बाकी है।

Author December 19, 2018 9:33 AM
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो सोर्स : जनसत्ता ऑनलाइन

जम्मू-कश्मीर में बुधवार से राष्ट्रपति शासन लागू होने का अनुमान है। राज्यपाल की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने सोमवार को ही राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी थी। अब इस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मुहर लगनी बाकी है। माना जा रहा है कि बुधवार को किसी भी वक्त राष्ट्रपति शासन की घोषणा हो सकती है। 22 साल पहले 1990 से 1996 तक जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन रहा था।

संसद के पास चले जाएंगे सारे अधिकार

राष्ट्रपति शासन लागू हो जाने के बाद राज्यपाल की सारी विधायी शक्तियां संसद के पास चली जाएंगी। अब कानून बनाने का अधिकार संसद के पास होगा। नियमानुसार राष्ट्रपति शासन में बजट भी संसद से ही पास होता है। इस वजह से राज्यपाल शासन में ही लगभग 89 हजार करोड़ रुपये का बजट पास करा लिया गया। राज्यपाल शासन में कानून बनाने तथा बजट पास करने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है। राष्ट्रपति शासन में अब राज्यपाल अपनी मर्जी से नीतिगत और संवैधानिक फैसले नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें केंद्र से अनुमति लेनी होगी।

जून 2018 में गिर गई थी महबूबा मुफ्ती की सरकार

भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद जून में जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई थी। राज्यपाल शासन की अवधि 19 दिसंबर को समाप्त हो रही है। पिछले महीने कांग्रेस और नेकां के समर्थन से पीडीपी और सज्जाद लोन ने भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने का प्रयास किया था। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सरकार गठन के लिए खरीद-फरोख्त और सरकार के स्थिर न होने का हवाला देते हुए 21 नवंबर को विधानसभा भंग कर दी थी।

 

देश में सबसे ज्यादा राष्ट्रपति शासन इंदिरा गांधी ने लगाया था
देश में राष्ट्रपति शासन लगाने वाले प्रधानमंत्रियों में इंदिरा गांधी का नाम सबसे आगे है। उन्होंने जनवरी 1966 से मार्च 1977 के बीच 35 बार और जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 के बीच 15 बार राष्ट्रपति शासन लगाया। दूसरे और तीसरे नंबर पर मोरारजी देसाई और मनमोहन सिंह रहे। मोरारजी भाई ने मार्च 1977 से जून 1973 के बीच 16 बार तो मनमोहन ने 2004 से 2014 तक 12 बार राष्ट्रपति शासन लगाया। इसके बाद पीवी नरसिम्हाराव ने जून 1991 से मई 1996 के बीच 11 बार धारा 356 का इस्तेमाल किया। मार्च 1999 से मई 2004 तक प्रधानमंत्री रहने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने पांच बार इस प्रावधान का इस्तेमाल किया।

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