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Kashmir Valley: परिवार में से किसी पर लगे थे आरोप, सरकार ने 650 शिक्षकों को ‘प्रतिकूल’ लिस्‍ट में डाला

जम्मू-कश्मीर में 650 सहायक शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह नोटिस उन शिक्षकों को जारी किए गए हैं जिनके परिजन 1990 के दशक में किसी न किसी प्रकार के दंगे या सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने के मामलों में शामिल थे।

Author Published on: March 16, 2019 3:48 PM
जम्मू-कश्मीर राज्यपाल सत्यपाल मलिक फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

जम्मू-कश्मीर में 650 सहायक शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें उनके परिजनों की वजह से प्रतिकूल सूची में रखा गया है। इस सिलसिले में शिक्षकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह नोटिस उन शिक्षकों को जारी किए गए हैं जिनके परिजन 1990 के दशक में किसी न किसी प्रकार के दंगे या सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने के मामलों में शामिल थे।

2009 में पद पर नियुक्त हुए बिजबेहरा निवासी ऐसे ही एक शिक्षक ने कहा, ‘पहले भी पुलिस सत्यापन का यही तरीका था। मेरा नाम प्रतिकूल की सूची में डाला गया क्योंकि मेरा भाई नवंबर 1990 में लापता हो गया था। मैं उस समय केवल 8 वर्ष था। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि साल 1992 में मेरे भाई ने नियंत्रण रेखा को पार किया था। इस वजह से मेरा नाम इस सूची में डाला गया है।’

उन्होंने कहा कि पुलिस रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में 650 शिक्षक ऐसे हैं जिनका अपना कोई व्यक्तिगत आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके सहयोगी 15 साल से शिक्षक हैं। इन्हीं में से एक ने कहा कि उसका बड़ा भाई एक आतंकी था जो 1996 में मारा गया था, सिर्फ इस कारण से उनका नाम प्रतिकूल की सूची में है।

एक अन्य शिक्षक ने कहा, ‘मैं कुछ नहीं समझ पा रहा हूं। एक तरफ पुलिस कहती है कि मेरे खिलाफ व्यक्तिगत आरोप नहीं हैं, फिर भी मुझे प्रतिकूल सूची में डाला गया है। इस सूची में कुछ ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जिन पर सालों पहले दंगे फैलाने के तहत अभी भी कोर्ट में मामला लंबित हैं। उन पर आतंकियों के खिलाफ संबंध होने के आरोप लगे हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से इस सूची में 26 शिक्षक शामिल हैं।

इस पूरे मामले पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें मौजूदा स्थिति की जानकारी है। यह पहली सूची है। इस मामले में अभी आगे जांच की जाएगी। संदिग्धों की इस सूची को चार कैटेगरी में बांटा गया है। उसके बाद उनकी स्कैनिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि आखिरी जांच के बाद उन्हें नहीं लगता कि प्रतिकूल सूची में कोई नाम बचेगा।

सूत्रों के मुताबिक ऐसे सभी अलगाववादियों, राजनेताओं और धार्मिक संगठनों की समीक्षा की जा रही है। आतंकी गतिविधियों या पत्थरबाजी में शामिल लोगों को पर खास नजर रखी जा रही है। हाल ही में गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत जमात-ए-इस्लामी समेत कई संगठनों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

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